खुला दूध बेचने वालों को जांच के दायरे में लिया जाएगा…
पहले भी फेट मशीनें लगाने के निर्देश कलेक्टर ने दिये थे

इंदौर। दूध में मिलावट की खबरें खूब सामने आती रहती है। मिलावटी दूध का कारोबार रोकने के लिए एक बार फिर तैयारी की जा रही है। इसके पूर्व सभी डेयरियों को फेट मशीन लगाने के निर्देश दिये गये थे परंतु आदेश पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। परंतु अब दूध में मिलावट की बढ़ती घटना को देखते हुए से खाद्य सुरक्षा विभाग ने कड़ी नियमावली लागू करने जा रहा है। इसके साथ ही जिन डेयरियों के दूध की बिक्री 500 लीटर से ज्यादा है, उन्हें अब लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसआई) ने दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इन नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। इसके निर्देश जारी कर दिये गये है। इसके साथ ही सभी दुग्ध विक्रेताओं को आईडी कार्ड रखना अनिवार्य होगा।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम अब दुग्ध विक्रेताओं का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के लिए शिविर लगाएगी, जहां विक्रेताओं का रजिस्ट्रेशन होगा। जिन विक्रेताओं का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, उन्हें पहले नोटिस दिया जाएगा और उनका दूध भी जब्त कर लिया जाएगा। खुले दुध के कारोबार में मिलावट रोकने को लेकर कई कदम उठाये जा रहे हैं। इसके बाद भी अगर वे नियमों को नहीं मानते हैं तो, उनके खिलाफ कोर्ट में मामला दर्ज कर दोषी पाए जाने पर दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
source – mitesh
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