गणेश उत्सव मनाने के पीछे यह कथा

भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश जी का जन्म हुआ थाअत:इस दिन को गणेश चतुर्थी के नाम प्रचलित है 10 दिनों तक गणेश उत्सव मनाने के पीछे यह कथा मिलती है कि वेद-व्यास जी ने गणेशजी से महाभारत ग्रंथ लिखने की प्रार्थना की तो गणेशजी 10 दिनों तक बिना रुके वेद व्यास जी से श्रवण करते हुए सतत महाभारत लिखते रहे। जब वेद-व्यास जी को अनुभूति हुई कि गणेश जी के देह का तापमान बहुत बढ़ा हुआ है तब 10वें दिन उन्हें पवित्र नदी में स्नान करवाया। तभी से गणेश चतुर्थी के दसवें दिन गणेश जी को जल स्नान करते हुए विसर्जित किया जाता है ।

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गण + पति = गणपति। संस्कृतकोशानुसार ‘गण’ अर्थात पवित्रक। ‘पति’ अर्थात स्वामी, ‘गणपति’ अर्थात पवित्रकों के स्वामी गणेश का अर्थ होता है गणों का ईश और आदि का अर्थ होता है सबसे पुराना यानी सनातनी।

आपको गणेश चतुर्थी की हृदय तल से असीम शुभ कामनाएं

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