Ganesh Chaturthi 2023: रवि योग में आएंगे गणेश

इंदौर. घर-घर की जाने वाली भगवान गणेश की आराधना का पर्व गणेश चतुर्थी 19 सितंबर को मनाया जाएगा। 10 दिन तक बप्पा की आराधना होगी। विशेष संयोग में गणेश चतुर्थी विशेष फल देने वाली साबित होगी। इधर, 18 सितंबर को हरतालिका तीज पर भी विशेष योग बन रहे हैं।
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर पार्थिव गणेश की स्थापना की जाती है। 19 सितंबर मंगलवार को चतुर्थी मनाई जाएगी। इस दिन से 10 दिनी गणेशोत्सव की शुरुआत होगी। भगवान गणेश की प्रतिमा घर-घर स्थापित की जाएगी। इस दिन स्वाति नक्षत्र तुला राशि के चंद्रमा की साक्षी में गणेश स्थापना होगी। रवि योग भी रहेगा जो स्थापना के समय विशिष्ट लाभ देगा। मंगलवार को चतुर्थी होने से चतुर्थी प्रशस्त मानी जाती है।
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यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें चतुर्थी से लेकर चतुर्दशी तक का पुण्य फल विशेष रूप से प्राप्त होता है। इस योग में भूमि, भवन, संपत्ति, वाहन से जुड़े काम करना फलदायी माना जाता है। तीन दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेंगे जिसके अंतर्गत मनोवांछित उपासना, साधना तथा अलग-अलग प्रकार की गृह उपयोगी चीजों की खरीदी की जा सकती है।
इस बार गणेश स्थापना में भद्रा से जुड़ा कोई भी दोष नहीं है। वैसे भी तुला राशि का चंद्रमा शुभ माना जाता है और सामान्यत: यह धन का कारक भी है। भद्रा के गणित से देखें तो यह पाताल वासिनी है। पाताल वासिनी भद्रा शुभ व धनकारक मानी गई है। इस दृष्टि से इस दिन इसका कोई दोष नहीं है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर हरतालिका तीज मनाई जाएगी Ganesh Chaturthi 2023: Ganesh will come in Ravi Yoga
। तीज 18 सितंबर को चित्रा नक्षत्र, ऐंद्रयोग, गर करण तुला राशि के चंद्रमा की साक्षी में आ रही है। इस दिन भी विशिष्ट योग बन रहे हैं। धर्म शास्त्रीय मतानुसार विधिवत तीज माता की पूजन करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। ऐंद्रयोग की अधिष्ठात्र पितर देवता है। पितरों के निमित्त ध्यान से इच्छित फल की प्राप्ति होती है।
Posted By – Ravi
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