इंस्टाग्राम पर सस्ता आई-फोन बेचकर ठगी

भोपाल। राजधानी भोपाल की सायबर क्राईम ब्रांच टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर कम कीमत मे आईफोन बेचने पर विज्ञापन देकर इगी करने वाले गिरोह का भांडाफोड़ करते हुए मास्टरमांइड सहित पांच जालसाजो को दिल्ली और निवाडी से गिरफ्तार किया है। एडीशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच शैलेंद्र सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते मई माह में राजधानी निवासी हिना खान (परिवर्तित नाम) ने शिकायती आवेदन देते हुए बताया था कि उसने इंस्टाग्राम पर आईफोन मोबाइल काफी कम कीमत में बेचने का ऐड देखा था। crime news bhopal
मोबाइल बुक करने के बाद उसने दिये गये नंबर पर सपंर्क किया। दूसरी और से बातचीत कर रहे ठग ने मोबाईल बुकिंग के साथ ही कस्टम-पे, रिफण्ड के नाम पर अलग-अलग जरिये से 1 लाख 88 हजार 999 रूपये ले लिये इसके बाद उससे संपर्क करना बंद कर दिया। अपने साथ धोखाधडी का अहसास होने पर पीड़ीता पुलिस के पास पहुंची। fraudsters
तकनीकी जॉच के बाद क्राईम ब्रांच पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ जालसाजी का मामला कायम कर आरोपियो की तलाश शुरु की। सायबर क्राईम भोपाल की टीम ने वाट्सएप नंबर एवं इंस्टाग्राम आईडी की तकनीकी छानबीन की। इसके साथ ही महिला के साथ ठगी करने के लिये उपयोग किये गये बैंक एकांउट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ठग गिरोह के अन्य जालसाजो की पहचान जुटाई।
पड़ताल के दौरान हाथ लगे सुरागो के आधार पर टीम ने गिरोह के मास्टरमांइड आशीष यादव पिता ब्रज बिहारी यादव निवासी, स्थाई पता गणेशपुरा जिला टीकमगण, हाल निवासी साउथ एक्सटेंशन दिल्ली सहित उसके साथियो अंकित नामदेव पिता दिनेश चंद्र नामदेव निवासही टहरौली जिला झांसी उत्तर प्रदेश, हाल पता गुरसराय जिला झांसी, अंकित कुमार पिता सुरेश कुमार निवासी ऐरच तहसील ठहरौली जिला झांसी उत्तर प्रदेश, अभिषेक यादव पिता भारत सिंह यादव निवासी सेंदरी जिला निवाड़ी एमपी और अभिषेक यादव पिता हरेंद्र यादव निवासी सेंदरी जिला निवाड़ी मध्य प्रदेश, हाल पता शिव कॉलोनी, झांसी उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया।
गिरोह में और भी आरोपी शामिल
गिरोह के पास से 07 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, 2 बैंक पासबुक, 5 चेकबबुक, 3 मोबाइल बिल बुक सहित 10 अलग-अलग बैंको के एटीएम कार्ड जप्त किये गये है। गिरोह में और भी आरोपी शामिल है, जिनकी तलाश की जा रही है।
इस तरह करते थे ठगी अफसरो ने बताया की गिरोह के द्वारा इंस्टाग्राम पर कम कीमत पर मंहगे मोबाइल बेचने का विज्ञापन देने के लिये इंस्टाग्राम पर इन्टेगिरीटी मोबाइल नाम का पेज बनाकर संपर्क करने के लिये वाट्सअप मोबाइल नंबर दिया जाता है। जब ग्राहक वाट्सएप पर संपर्क करता है, तब आशीष यादव उससे बातचीत कर कम कीमत पर मंहगे मोबाइल देने की डील फायनल करता और उनसे पॉच हजार 999 रूपये रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर जमा करने का कहता था। fraudsters
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रजिस्ट्रैशन फीस जमा करने के बाद आरोपी आशीष यादव उन्हे खुद के द्वारा तैयार किया गया फर्जी बिल वाट्सअप पर भेज देता है। बिल भेजने के बाद जाल में फसें लोगो से कस्टम ड्यूट, जीएसटी सहित अन्य चार्ज के नाम पर मोटी रकम जमा करवाकर अपना मोबाइल बंद कर लेते थे। fraudsters
धोखाधडी की रकम एकांउट में आने के बाद आरोपी अभिषेक यादव और अंकित कुमार एटीएम से पैसा नगद निकाल कर अन्य खातो में जमा कर देते थे, जिससे पैसे की आनलाइन ट्रेल को तोडा जा सके। किराए के मकान मे रहकर जालसाजी की वारदातो को अंजाम देने वाला गिरोह बीते एक साल से फर्जी बैंक खाते एवं मोबाइल नंबरो का इस्तेमाल कर करीब 100 से अधिक लोगो से धोखाधडी कर चके है। पुलिस आगे की पड़ताल कर रही है।
Source – ems
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