इंदौर जिले में उत्साह के साथ शांतिपूर्ण रूप से हुआ मतदान

इंदौर लोकसभा निर्वाचन के लिये इंदौर जिले में आज उत्साह के साथ शांतिपूर्ण रूप से मतदान हुआ। इंदौर में आज मतदान के लिये सुबह से ही उत्साह देखा गया। जिले के सभी 2677 मतदान केन्द्रों पर सुबह निर्धारित समय पर मॉकपोल हुआ। इसके ठीक पश्चात सुबह 7 बजे से मतदान प्रारंभ हो गया। सुबह से ही मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की कतार थी। महिला-पुरूष की अलग-अलग कतारों में समान संख्या देखी गई।

मतदाताओं ने उत्साह के साथ मतदान किया। जिले में क्या बुजुर्ग, क्या दिव्यांग, सभी आयु वर्ग के मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। पहली बार मतदाता सूची में नाम शामिल होने के पश्चात युवाओं ने भी मतदान में हिस्सा लिया। उक्त सभी मतदाताओं ने मतदान केन्द्रों पर की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। अनेक मतदाताओं के लिये इस बार का मतदान एक यादगार क्षण बन गया।
बुजुर्ग दम्पत्ति ने मतदान कर अपनी शादी की सालगिरह मनाई
इंदौर के एबी रोड पर स्थित इंदौर पब्लिक स्कूल (आईपीएस) में आज सुबह एक बुजुर्ग दम्पत्ति अपने बेटे-बहू और बेटी के साथ मतदान केन्द्र पर पहुंचे। यहां वे एकत्रित हुए और मतदान कर बुजुर्ग दम्पत्ति श्री राधेश्याम सोहनी और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गायत्री सोहनी की शादी की 49वी सालगिरह का जश्न मनाया। उक्त दंपत्ति के साथ पुत्र श्री उत्कर्ष सोहनी, बहू डॉ. गरिमा सोहनी और पुत्री अनुभूति सोहनी ने भी मतदान किया। इनका कहना था कि आज का दिन हमारे लिए यादगार क्षण हो गया है। लोकतंत्र के महायज्ञ में शामिल होकर मतदान कर हमने एक पुण्य का काम किया है।
वैष्णवी के लिए भी आज का दिन बना यादगार
कक्षा 12वी में पढ़ने वाली एक बालिका वैष्णवी मनोज यादव के लिए भी आज का दिन यादगार हो गया। मतदाता सूची में नाम जुड़ने के पश्चात लोकसभा चुनाव में पहली बार मतदान करने के लिए पुलिस पब्लिक स्कूल स्थित मतदान केन्द्र वह पहुंची। बड़े उत्साह के साथ उसने मतदान किया। उसने बताया कि मतदान करने का मेरा सपना आज पूरा हो गया है। मेरा पूरा प्रयास रहेगा कि आगे आने वाले सभी चुनावों में जरूर मतदान करूं। मतदान करना हमारा परम कर्तव्य है। लोकतंत्र ने हमें यह सबसे बड़ी ताकत दी है।

सुविधाओं से अभिभूत हुए मतदाता
मतदान केन्द्रों पर उपलब्ध करायी गई सुविधाओं से मतदाता बेहद खुश दिखायी दिये। लाबरिया भेरू में रहने वाली सपना, प्रियंका, राजेश और अनिल ने आज रामकृष्ण बाग स्थित मतदान केन्द्र पर मतदान किया। उन्होंने बताया कि मतदान केन्द्र को बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया गया। हमको बैठने के लिए छायायुक्त वेटिंग एरिया भी मिला। यहां बैठने के लिए पर्याप्त टेबल और कुर्सियां थी। हवा के लिए कूलर भी लगाये गये थे। पीने के लिए ठण्डा पानी था। मतदान केन्द्रों पर बहुत ही अच्छी व्यवस्थाएं थी।
दिव्यांग बालिका दुर्गा ने किया उत्साह से मतदान
एक दिव्यांग बालिका दुर्गा बैरागी ने लोकतंत्र के प्रति अपने उत्साह को कायम रखा। दिव्यांगता को बाधक नहीं बनने दिया। वह स्वयं अपने घर से मतदान केन्द्र तक चलकर आयी। उत्साह से मतदान किया। उसने बताया कि मैं पिछले नगर निगम और विधानसभा के चुनावों में भी मतदान कर चुकी हूं। मतदान के सिलसिले को मैंने इस बार के लोकसभा चुनाव में भी कायम रखा। आज मतदान किया और मैंने प्रण किया है कि आने वाले सभी चुनावों में भी मतदान अवश्य करूंगी।
मतदाताओं को पिलायी गई छाछ, केरी पना, आमरस सहित अन्य शीतल पेय-पोहे जलेबी भी मिले
कई मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं के लिए शीतल पेय की व्यवस्था की गई थी। महू के मतदान केन्द्र जोशी गुराडिया में मतदाताओं के लिए शीतल जल के साथ ही छाछ की भी व्यवस्था की गई थी। इसी तरह कई मतदान केन्द्रों पर आमरस, रसना, केरी पना, शरबत, गन्ना रस की भी व्यवस्था की गई। इसी तरह छप्पन दुकान सहित अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों के व्यापारियों ने भी पोहे-जलेबी सहित अन्य खाद्य पदार्थ मतदाताओं को मतदाताओं को नि:शुल्क दिये।
मतदाताओं को मिली ई-रिक्शा की सुविधा
इंदौर जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को अनेक सुविधाएं उपलब्ध करायी गई। ऐसे मतदाता जिन्हें मतदान केन्द्र तक आने-जाने में दिक्कत थी, उनकी सुविधा के लिए उन्हें ई-रिक्शा सहित अन्य वाहनों की सुविधा दी गई।
70 दृष्टि दिव्यांग बालिकाओं ने एक साथ मतदान कर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया
महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ में रहने वाली 70 दृष्टि दिव्यांग बालिकाओं ने भी मतदान में हिस्सा लेकर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। मतदान के लिए इन दृष्टि दिव्यांगों को एक साथ बस में बैठाकर बाम्बे हॉस्पीटल के पास रिंग रोड स्थित ग्रीन फील्ड स्कूल में बने मतदान केन्द्र लाया गया। यहां उनसे मतदान कराया गया। दिव्यांग मतदाताओं ने एक साथ मतदान कर अपनी जीवटता और लोकतंत्र के प्रति विश्वास का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
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दिव्यांग ब्राण्ड एम्बेसेडर श्री विक्रम अग्निहोत्री ने पैरों से मतदान कर प्रस्तुत की अनूठी मिसाल
दोनों हाथ नहीं होने की दिव्यांगता को विक्रम अग्निहोत्री ने कभी भी अशक्तता एवं किसी कार्य में रूकावट महसूस नहीं की। अपनी जीवटता से उन्होंने हर उस कार्य को अंजाम दिया जो उन्होंने चाहा। हर चुनाव में वे अपने पैरों की उंगलियों का उपयोग कर मतदान करते आये हैं। उनकी इस जीवटता को देखकर निर्वाचन आयोग द्वारा उन्हें दिव्यांग ब्राण्ड एम्बेसेडर भी बनाया गया है। लोकसभा चुनाव के लिए मतदान कर उन्होंने सभी मतदाताओं के लिए एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्री विक्रम ने अपने पिता सेवानिवृत्त आईजी श्री विनयकांत अग्निहोत्री के साथ स्कूल स्कीम 78 में स्थित इटमा स्कूल में बने मतदान केन्द्र में मतदान किया।
कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने भी किया मतदान
संभागायुक्त श्री दीपक सिंह ने आज सुबह सपरिवार खंडवा रोड स्थित क्विंस कॉलेज में बने मतदान केन्द्र में जाकर मतदान किया। पुलिस महानिरीक्षक श्री अनुराग, पुलिस कमिश्नर श्री राकेश गुप्ता ने भी मतदान केंद्र जाकर मतदान किया। कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने सपत्निक नेहरू स्टेडियम के सामने बने मतदान केंद्र क्रमांक 270 में जाकर मतदान किया। उनके साथ नगर निगम आयुक्त श्री शिवम वर्मा ने भी मतदान में हिस्सा लिया। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अमित तोमर ने पोलो ग्राउंड में अहिल्याश्रम स्कूल स्थित केंद्र पहुंचकर मतदान किया। इसी तरह अन्य अधिकारियों ने भी अपने-अपने मतदान केन्द्रों पर पहुंचकर मतदान किया।
कलेक्टर ने सतत भ्रमण कर लिया व्यवस्थाओं का जायजा
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आशीष सिंह द्वारा भ्रमण कर मतदान केंद्रों का सतत निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने मतदान केंद्रों में पहुंचकर मतदाताओं को दी जा रही सुविधाओं और मतदान संबंधी अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
दूल्हों ने भी किया मतदान
इंदौर जिले के विधानसभा क्षेत्र देपालपुर के चान्देर गांव में बने आदर्श मतदान केन्द्र क्रमांक 117 में आज अजीब नजारा देखा गया। सजे-धजे मतदान केन्द्र पर जब दो दूल्हे पहुंचे तो लोगों को एक बारात आने का एहसास हुआ। जब दूल्हे ईश्वर पिता कमल और पूनम पिता कमल अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए अंदर पहुंचे तो वहां मौजूद सभी लोगों ने लोकतंत्र के प्रति उनकी जागरूकता की सराहना की। पूर्ण उत्साह के साथ उक्त दोनों ने मतदान में हिस्सा लिया।
कलेक्टर की पहल पर अनेक मतदाताओं को मिली मतदान की सुविधा
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आशीष सिंह ने एक आदेश जारी कर शासकीय/अशासकीय/अर्द्धशासकीय/व्यावसायिक/औद्योगिक एवं निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को मतदान की सुविधा प्रदान किये जाने के लिये सवैतनिक अवकाश दिये जाने के निर्देश दिये थे। इस आदेश को प्रभावी रूप से पालन कराने के लिये कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। अधिकारियों ने आज मतदान दिवस पर आवंटित क्षेत्रों का सघन रूप से भ्रमण कर अशासकीय/अर्द्धशासकीय/व्यावसायिक/औद्योगिक एवं निजी संस्थानों की जाँच की। जाँच के दौरान कई जगह ऐसे कर्मचारी मिले जिन्होंने मतदान नहीं किया था और वह संस्थान में कार्य कर रहे थे। अधिकारियों ने निर्देश देकर उक्त कर्मचारियों को मतदान के लिए भेजा। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश का पालन नहीं करने वाले अनेक संस्थानों के विरूद्ध कार्यवाही भी की गई। कलेक्टर की इस पहल से अनेक कर्मचारियों को मतदान की सुविधा प्राप्त हुई।
अधिकारियों के अनुशासन को देखकर अभिभूत हुई पहली बार की मतदाता कनिष्का दरवाई
अधिकारी अपने आचरण से युवाओं को ऐसी सीख दे जाते हैं जो उनके जीवन में हमेशा यादगार और काम की हो जाती है। ऐसा ही एक उदाहरण आज नेहरू स्टेडियम के सामने बने मतदान केन्द्र क्रमांक 217 सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय में देखने को मिला, जब एक बालिका कनिष्का दरवाई पहली बार मतदान करने पहुंची। अधिकारियों के अनुशासन और आचरण से वह बहुत प्रभावित हुई। कनिष्का दरवाई अपने पिता देवधर दरवाई के साथ मतदान करने पहुंची थी। वे वहां खड़ी थी जब उसने कतारबद्ध होकर मतदान के लिये सपरिवार खड़े कलेक्टर श्री आशीष सिंह और अन्य अधिकारियों को देखा तो वह बेहद अचंभित हो गई। उसने अपने पिता से पूछा कि अधिकारियों को भी क्या लाईन में लगना पड़ता है। पिता ने कहा जी हां। अनुशासन ही अधिकारियों की पहचान है। इससे वे बेहद अभिभूत हुई और खुद भी लाईन में लग गई। उसने कहा कि अनुशासन और आचरण की यह सीख मेरे जीवन में हमेशा काम आयेगी। मैं भी हमेशा अनुशासन का पालन करूंगी।
Source – mpinfo
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