Amazing: Traders of Indore are adopting new ways to run 2000 note
इंदौर। सरकार द्वारा 2000 के नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा के बाद बैंकों और एटीएम में लोग जुटने लगे हैं। सक्षम लोग बैंक और एटीएम न जाते हुए नोट बदलने के नए तरीके अपनाने लगे हैं। सराफा और कपड़ा मार्केट में सामान खरीदी के बाद ग्राहक नोटों को खपाने में लग गए हैं। सामान की मूल कीमत में से आधी राशि 2000 के नोट की तथा शेष राशि छोटे नोटों की रहती है। व्यापारी इन बड़े नोटों को बैंक में जमा करा देता है। 2000 rupees note सराफा के एक व्यापारी ने बताया कि वर्तमान में वैवाहिक सीजन नहीं है। बाजार में ग्राहकी कमजोर बनी हुई है। बारिश शुरू होते ही ग्राहकी ओर कम हो जाएगी। ऐसे में दुकान किराया, कर्मचारियों का वेतन, अन्य खर्च बारिश में निकालना मुश्किल हो जाता है।
23 मई से 2000 रुपए के नोट को लेकर केन्द्र सरकार ने आदेश जारी किए हैं। बैंकों द्वारा रोजाना रिजर्व बैंक को जमा होने वाले नोटों की जानकारी दी जा रही है। वहीं, यह भी पता चला है कि कुछ लोगों के पास अधिक संख्या में दो हजार के नोट हैं। बैंकों में एक दिन में मात्र 10 नोट बदलने के आदेश हैं। जिन लोगों के पास अधिक मात्रा में नोट है, उन्हें इन नोटों को खपाने सोना, कपड़ा, इलेक्ट्रानिक आयटम, वाहन, जमीन, मकान आदि खरीदना शुरू कर दिया है। खरीदी गई वस्तु, सामान का भुगतान 2 हजार के नोटों से किया जा रहा है।
चूंकि, रिजर्व बैंक के स्पष्ट आदेश हैं कि व्यापारी व अन्य लोग बड़े नोटों को लेने से इनकार नहीं कर सकता। इसके चलते व्यापारी बेचे गए सामान के बदले दो हजार के नोट ले रहे हैं। व्यापारी इन नोटों को बैंक में जमा कर रहा है। अनाज मंडियों में भी किसानों को समर्थन मूल्य पर नीलामी की राशि का भुगतान 2 हजार के नोटों से किया जा रहा है। उधर, बैंकों में आमजन दो हजार के नोट बदलवाने कम ही पहुंच रहे हैं। एटीएम पर भी कम जमा होने लगे हैं।2000 rupees
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