ईडी की कार्रवाई पर अधीक्षण यंत्री और पत्नी को 3 साल की सजा

इंदौर। आय से अधिक संपत्ति रखने और भ्रष्टाचार कर बड़ी संपत्ति जोडने के मामले में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण यंत्री रहे जितेंद्र भासने और उनकी पत्नी भारती भासने को अदालत ने दोषी पाए जाने के बाद 3 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रवर्तन निदेशालय दोनों के खिलाफ चार सीट पेश की थी।
विशेष न्यायाधीश धर्मेद्र टाडा की कोर्ट में यह फैसला सुनाते हुए आरोपी भारती भासने पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। लोक अभियोजक के अनुसार 26 फरवरी 2009 को आयकर विभाग की सूचना पर लोकायुक्त ने यह कार्रवाई की थी। इसके आधार पर बनी ईसीआईआर के बाद ईडी ने साक्ष्य एकत्र कर चालान पेश किया था। इसमें आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया था। साथ ही अवैध तरीके से पति और बच्चों के नाम भी करोडों रुपए का निवेेश पाया गया था। आरोपी जितेंद्र भासने की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। पत्नी को षंडयत्र में शामिल और भागीदार होने पर सजा सुनाई गई है। ईडी पूरी पुख्ता जानकारी के बाद ही मामले को दर्ज करता है। 90 प्रतिशत से ज्यादा प्रकरणों में सजा तय मानी जाती है।
Comments are closed.