स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से निर्वाचन सम्पन्न कराने के लिये अनेक प्रतिबंध

      निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. इलैयाराजा टी ने इन्दौर जिले की राजस्व सीमा क्षेत्र में आने वाली सभी 9 विधानसभा क्षेत्रों के लिये अनेक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये हैं।

            जारी आदेश के अनुसार जिले की सभी 09 विधानसभा क्षेत्र देपालपुर, इन्दौर-1, इन्दौर-2, इंदौर-3, इंदौर-4, इंदौर-5, डॉ. अम्बेडकर नगर महू, राऊ एवं सांवेर की सीमा क्षेत्र अंतर्गत स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से निर्वाचन सम्पन्न कराने हेतु इन्दौर जिले के निर्वाचन अभ्यर्थियों एवं उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं को छोड़कर निर्वाचन प्रचार की कार्यवाही में संलग्न ऐसे सभी राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं होटल, लॉज, धर्मशालाओं में ठहरे बाहरी व्यक्त्तियों जो उस विधानसभा क्षेत्र के मतदाता नहीं है, उन्हें निर्वाचन समाप्ति के 48 घण्टे पूर्व अर्थात आज 15 नवम्बर 2023 की शाम 6.00 बजे से मतदान समाप्ति तक सम्बन्धित विधानसभा क्षेत्र की सीमा छोड़ने हेतु आदेशित किया गया है।

            इसके अतिरिक्त आदर्श आचरण संहिता की अवधि के दौरान 15 नवम्बर 2023 एवं 16 नवम्बर 2023 की रात्रि 10 बजे से पूर्वाहन 6 बजे तक के मध्य प्रचार अभियान, एस.एम.एस., व्हाट्सप कॉल, लाउड स्पीकरों आदि के माध्यम से भी प्रचार संबंधी क्रियाकलाप प्रतिबंधित रहेंगे।

            इसी प्रकार दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के आदेश के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में 5 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने/एक साथ आवाजाही करने की अनुमति नहीं होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि घर-घर जाकर प्रचार अभियान के संबंध में 48 घण्टों के दौरान द्वार से द्वार के भ्रमण को प्रतिबंधित नहीं किया गया है। तथापि किसी भी भ्रम से बचने के लिए धारा-144 के तहत आदेश में यह विशेष रूप से स्पष्ट किया गया है।

            यह कि कोई भी व्यक्ति अपने स्वयं के मतदाता परिचय-पत्र के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति के मतदाता परिचय पत्र ना तो अपने पास रखेगा तथा ना ही किसी स्थान पर इकट्ठा रखेगा।

            उपर्युक्त प्रतिबंध भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत चुनाव कार्य में संलग्न अधिकारियों/कर्मचारियों एवं विधि एवं व्यवस्था सम्बन्धी ड्यूटी में संलग्न पुलिस कर्मियों पर लागू नहीं होगा। यह प्रतिबन्ध पूर्व में किसी नियम/अधिनियम/आदेश के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों के अतिरिक्त होंगे। अर्थात इस आदेश के पूर्व में जारी सभी प्रतिबंधात्मक आदेश भी यथावत लागू रहेंगे। उक्त आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता एवं जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत दण्डनीय अपराध होगा।

Source – MPINFO

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