मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने 21 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
13 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए मतदान की ली शपथ

पोलायकलां :- मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला इकाई शाजापुर द्वारा 21 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन जिला पंचायत सीईओ संतोष टैगोर को सौंपा गया। सीईओ द्वारा जिलेभर से आएं पत्रकार साथियों को आगामी 13 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए मतदान की शपथ दिलाई।
जिला अध्यक्ष मनोज जैन ने बताया मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ प्रदेश का सबसे बड़ा और सबसे पुराना श्रमजीवी पत्रकारों का प्रतिनिधि संगठन है और प्रदेश की एक मात्र श्रमजीवी पत्रकारों की ट्रेड यूनियन भी। यह संगठन श्रमजीवी पत्रकारों की समस्याओं के साथ ही श्रमजीवी पत्रकारों के माध्यम से समाज और शासन के बीच सेतु के रूप में कार्य करते हुए जनकल्याण और जनहितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सक्रिय भूमिका अदा कर रहा है।

समय -समय पर अपने ज्ञापनों के माध्यम से श्रमजीवी पत्रकारों की समस्याओं की ओर शासन का ध्यान आकर्षित किया है। 01 मई मजदूर दिवस को प्रदेश अध्यक्ष माननीय शलभ जी भदौरिया के नेतृत्व में आज पूरे प्रदेश में सभी जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन दिया गया। 21 सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग लंबे समय से लंबित है। इसके लिए राज्य सरकार ने एक कमेटी भी बनाई , लेकिन उस कमेटी की आज तक बैठक नहीं हो पाई।
इसके अलावा भोपाल स्थित मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की भूमि वापस करने की बात कही गई है, इसमें बताया गया है कि मालवीय नगर भोपाल स्थित विशाल पत्रकार भवन को 18 महीने पहले कमलनाथ की कांग्रेस सरकार ने ध्वस्त कर भूमि ले ली थी वह भूमि जिस पर पिछले 50 सालों से अधिक साल तक श्रमजीवी पत्रकार बैठकर काम करते थे, वह भूमि हम लोगों को दिलाई जाए। Madhya Pradesh Shramjeevi Journalist Association
Also Read – 17 बार लोकसभा चुनाव हुए, 2019 में चुनी गई सबसे अधिक 78 महिला सांसद
इसके अलावा श्रम विभाग के सहयोग से कमेटिया बनाने, संभाग व जिला स्तर पर श्रमजीवी पत्रकार प्रकोष्ठ बनाने, आयुष्मान कार्ड योजना का लाभ दिलाने, श्रमजीवी पत्रकार कल्याण आयोग का गठन करने तहसील स्तर पर सूचना सहायक नियुक्त किए जाने, टोल नाको पर श्रमजीवी पत्रकार संघ के कार्ड पर छूट प्रदान करने, समाचार पत्रों तथा पत्रकारों को जीएसटी से मुक्त रखने, कतिपय पत्रकार संगठनों द्वारा किए जा रहे अधिमान्य शब्द का दुरूपयोग रोका जाए, पत्रकारों को श्रद्धानिधि जीवन पर्यन्त मिलें, जनसंपर्क कार्यालय में स्टाफ की कमी को दूर किया जाए, शासकीय आवास स्थाई रूप से आवंटित हो, पत्रकारों के चिकित्सा कार्ड बनाया जाए, अधिमान्यता समितियों का गठन हो, पत्रकारों को कम ब्याज पर ऋण मिले, सरकारी नौकरियों में पत्रकारों के बच्चों को भी आरक्षण दिया जाए।
तहसील और जिला मुख्यालय में पत्रकार भवन के लिए भूखंड आवंटित किए जाएं। इस संबंध में राज्यपाल से मांग की गई है कि सभी 21 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जाए।
Comments are closed.