Indore Master Plan: नया मास्टर प्लान 2025 से पहले आने की संभावना नहीं

मेट्रो की प्लानिंग के अलावा ७९ गांव भी शामिल किए जाएंगे

Indore Master Plan: New master plan not likely to come before 2025
Indore Master Plan: New master plan not likely to come before 2025

इंदौर। नये मास्टर प्लान में जहां शहरी सीमा में शामिल किए गए ७९ गांव जोड़ दिये गये हैं। तो अब इसमे देवास सीमा से जुड़े गांव के साथ पीथमपुर की सीमा भी लग गई है। नये मास्टर प्लान में खाली पड़ी भूमियों के विकास को लेकर भी २०५० को ध्यान में रखकर खांका उतारा जा रहा है।

कोरोना के बाद मास्टर प्लान में भी कई तब्दिलियां समझी गई हैं। हालांकी अभी नये मास्टर प्लान का इंतजार और करना होगा। नवंबर दिसंबर के विधानसभा चुनाव और अप्रैल के लोकसभा चुनाव को देखते हुए २०२५ से पहले नया मास्टर प्लान आ जाए इसकी गुंजाइश कम है तब तक पूर्व मास्टर प्लान के आधार पर ही कार्य आगे बढ़ेगा।

नये मास्टर प्लान में अब नये सिरे से प्रक्रिया की जा रही है जिसकी वजह से नया प्लान बनने में अब वक्त लगेगा। मास्टर प्लान के जानकारों का कहना है कि सरकार ने पहले २०३५ को ध्यान में रखकर प्लान बनाने का आदेश दिया था इसे भी दो साल हो चुके हैं अभी नहीं बन पाया है।

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मास्टर प्लान बनने के बाद उसका प्रारुप प्रकाशित करने के बाद दावे आपत्ति, सुनवाई और गजट नोटिफिकेशन में एक साल का वक्त लग जाता है। अभी इंदौर के मास्टर प्लान का प्रारुप का स्तर भी नहीं पहुंचा है इसलिए अब यह तय है कि २०२५ से पहले मास्टर प्लान नहीं आ पायेगा।

माना जा रहा है कि मात्र दस साल के लिए मास्टर प्लान को बनाये जाना न्याय संगत भी नहीं होगा इसलिए अब २०५० को ध्यान में रखकर ही प्लान उतारा जाएगा। नये मास्टर प्लान में अब मेट्रो को भी शामिल करने के बाद आने वाले समय में इंदौर, उज्जैन, देवास, पीथमपुर के बीच भी मेट्रो ट्रेन के लिए पहले से ही प्लान करना होगा।

यह भी माना जा रहा है कि भविष्य में नये प्लान में अतिरिक्त गांव अब शहरी सीमा में जोड़े जाने की कोई संभावना नहीं है ऐसे में नये मास्टर प्लान में इसको लेकर कोई विशेष सुझाव भी नहीं है।