इंदौर। महंगाई से जूझ रहे उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में बिजली कंपनी भी बड़ा झटका देगी। फ्यूल कास्ट के नाम पर कंपनी हर महीने उपभोक्ताओं से सरचार्ज वसूलेगी। सरचार्ज वसूलने से बिजली बिल में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसा हुआ तो उपभोक्ताओं को आर्थिक मार पड़ेगी। यह फ्यूल कास्ट के नाम पर यह राशि केन्द्र सरकार के आदेश पर ली जाएगी।
बिजली कंपनियां हर महीने अब एफसीए की जगह फ्यूल एंड पावर पर्चेस एडजेसमेंट सरचार्ज(एफपीपीएएस) वसूल रही है। इसकी गणना हर माह की जा रही है। अभी मार्च के महीने में जो बिजली बिल आया है, उसमें बिजली कंपनियों ने 5 फीसदी सरचार्ज वसूल लिया है। यह सरचार्ज कंपनियों ने 24 अप्रैल से लागू किया है।
अगले महीने के बिल में यह सरचार्ज 8 फीसदी तक बढ़ सकता है। दरअसल, केन्द्र सरकार ने विद्युत नियम 2005 में संशोधन करते हुए बिजली कंपनियों को हर महीने फ्यूल कास्ट तय करने का अधिकार दिया है। इसके आधार पर यह मनमानी की जा रही है। कंपनियों ने 6.80 फीसदी एफपीपीएएस वसूलना तय किया था, लेकिन पहली बार बिजली कंपनियों ने दरियादिली दिखाते हुए सरचार्ज 5 प्रतिशत ही वसूला है। Electricity bill will increase by 8 percent
200 यूनिट तक होंगी महंगी
फ्यूल कास्ट एडजेस्टमेंट (एफसीए) नियामक आयोग तय करता था। इससे साल में एक बार एफसीए बिलों में जुड़ता था। इस साल जनवरी से मार्च तक इसे 34 पैसे प्रति यूनिट कर दिया गया था। यानि, एक साल में 34 पैसे यूनिट बिजली महंगी हो गई। अब एफसीए की जगह फ्यूल एंड पावर पर्चेस एडजेस्टमेंट है। इससे अप्रैल-मई में ही बिजली 36 पैसे(200 यूनिट) प्रति यूनिट तक महंगी कर दी है। यह सरचार्ज हर स्लैब के साथ बदलता रहेगा। केन्द्र की इस नई योजना से उपभोक्ताओं को नुकसान होगा।
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