निगम को एक ही दिन में पहली बार मिले 45 करोड़ से अधिक

इन्दौर। नगर निगम को राष्ट्रीय लोक अदालत में पहली बार एक ही दिन में 45 करोड़ से अधिक का राजस्व मिला है, जिससे आर्थिक तंगी से कुछ राहत कही जा सकती है। पिछली कई लोक अदालतों में निगम को एकमुश्त पैसा भी मिलता रहा है जिससे आंकड़ा एकदम से बढ़ता है। इस बार भी इन्दौर विकास प्राधिकरण से स्कीम नंबर 54 झोन 7 के तहत 3 करोड़ का राजस्व मिला है। सभी 19 झोन में यही झोन इस बार टॉप पर रहा, जबकि झोन 19 पिछड़ गया। यहां 3 करोड़ 53 लाख रूपये आए। झोन 13 दूसरे नंबर पर रहा जहां 4 करोड़ से अधिक का राजस्व जमा हुआ।

आर्थिक तंगी से जुझ रहे निगम को दो दिन पहलीे साल की आखिरी लोक अदालत में सुबह से देर रात में एक ही दिन में पहली बार 45 करोड़ से अधिक राजस्व मिला। अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने मुख्यालय सहित कई झोन में पहुंचकर लोक अदालत की व्यवस्थाएं देखी और शाम तक अधिक से अधिक राजस्व वसूली के लिए अपनी टीम के साथ लगे रहे। कुल राजस्व 400 करोड़ से अधिक पहुंच गया है और अब करीब साढ़े 3 माह का समय ही शेष है। पिछले वर्ष 744 करोड़ का राजस्व आया था। इस बार 800 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। शनिवार की लोक अदालत में झोन 7 को सबसे अधिक राजस्व मिला है। यहां 3 करोड़ का लक्ष्य दिया गया था, जबकि प्राधिकरण की स्कीम से एकमुश्त पैसा मिलने से आंकड़ा 6 करोड़ से अधिका पहुंच गया।
शहरी सीमा से लगे झोनों में पहले 19 नंबर में सबसे अधिक संपत्तिकर जमा होता था मगर इस बार यह झोन तीसरे नंबर पर चलाा गया। झोन 13 में करोड़ 53 लाख रूपये आए। वहीं झोन 8,10, 11 में भी संपत्तिकर व जलकर अधिक आया। निगम ने इस बार की लोक अदालत में 45 से 50 करोड़ राजस्व का लक्ष्य रखा था जो पा लिया है और अब अगले साढ़े तीन माह तक वसूली पर ही सबसे अधिक फोकस किया जाएगा।

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