कलेक्टर आशीष सिंह ने ली समीक्षा बैठक

अतिवृष्टि तथा बाढ़ से उत्पन्न होने वाली स्थितियों से निपटने के लिए एहतियात के रूप में पुख्ता इंतजाम

Collector Ashish Singh took review meeting
Collector Ashish Singh took review meeting

इंदौर  इंदौर जिले में मानसून काल की निकटता को दृष्टिगत रखते हुए अतिवृष्टि तथा बाढ़ से उत्पन्न होने वाली स्थितियों से निपटने के लिये आपदा प्रबंधन के संबंध में चर्चा हेतु आज कलेक्टर कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने एहतियात के रूप में किए जा रहे इंतजामों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में अभी से ऐसी तैयारियां रखी जाए जिससे कि आपदा से त्वरित रूप से निपटने में मदद मिले। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष जिले के सांवेर, महू और देपालपुर मुख्यालय पर भी होमगार्ड और एसडीआरएफ के बचाव एवं राहत दल मौजूद रहेंगे, जिससे की सूचना मिलने पर त्वरित ही क्षेत्र में इन दलों को भेजा जा सकेगा। जिले के पर्यटन स्थलों पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे।

                बैठक में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री सुनील मेहता, डीसीपी इंदौर श्री हंसराज सिंह, इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आर.पी. अहिरवार, अपर आयुक्त नगर निगम श्री सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर श्री गौरव बेनल तथा श्री रोशन राय सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि आगामी समय में अतिवृष्टि, बाढ़ तथा इससे उत्पन्न स्थितियों से निपटने के लिए एहतियात के रूप में पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। पूर्व सूचना तथा आकस्मिक स्थिति के दौरान सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यालय, नगर निगम, पुलिस मुख्यालय, एमपीईबी सहित अन्य कार्यालयों में आपदा नियंत्रण केंद्र (कंट्रोल रूम) स्थापित किये जायेंगे। कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान बिजली की आपूर्ति सतत बनाए रखी जाए। यशवंत सागर के गेट खोलने के पूर्व नागरिकों को पूर्व सूचना दी जाए। खदानों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा उनके संचालकों से फेंसिंग कराई जाए। शहर में पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था रखें। जलजमाव वाले स्थानों को पूर्व से चिन्हित कर एहतियात के रूप में तैयारी रखें। पूल और पुलियाओं पर विशेष ध्यान रखें। वहां चेतावनी संबंधी बोर्ड भी लगाए जाएं। तालाबों के पाल की मरम्मत पर भी विशेष ध्यान दिया जाये।

                कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने कहा है कि पहुंच विहीन गांवों की सूची पूर्व से ही तैयार कर लें तथा वहां पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न का भंडारण किया जाए। बैठक में बताया गया कि होमगार्ड द्वारा पर्याप्त संख्या में बचाव एवं राहत दल बनाए जा रहे हैं। बैठक में बताया गया कि इस बार विकासखंड मुख्यालयों पर भी बचाव एवं राहत दल मौजूद रहेंगे। कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने कहा कि मानसून के दौरान शुद्ध पेयजल की उपलब्धता बनाए रखी जाए। आकस्मिक स्थिति के दौरान बनाए जाने वाले राहत शिविरों के लिए स्थानों का चयन अभी से कर लिया जाय। मानसून के दौरान जिले के जलीय पर्यटन क्षेत्रों के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए जा रहे हैं, जिससे कि सुरक्षा के व्यापक प्रबंध वहां पर रह सकें। ऐसे पर्यटन केंद्रों पर चेतावनी संबंधी बोर्ड लगाए जाने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देश दिये गये कि शहर के ऐसे क्षेत्र जहां पूर्व में पानी भरता रहा है ऐसे स्थानों को चिन्हित कर पानी भरने के कारणों का पता लगाया जाये। नगर निगम पानी भरने के कारण पता कर बाधक अतिक्रमण और अन्य रूकावट दूर करें।

भिक्षावृत्ति के विरूद्ध चल रहे अभियान को फिर मिलेगी गति

   इंदौर में भिक्षावृत्ति के विरूद्ध चल रहे अभियान को अब फिर गति मिलेगी। कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा है कि वे इस अभियान को गति देकर पुन: प्रभावी बनाये। “भिक्षा लेना एवं देना अपराध है” संबंधी जगह-जगह सूचना बोर्ड भी लगाये जायें। ऐसे भिक्षुकों के विरूद्ध भी कार्रवाई करें जो सामान बेचने की आड़ में भिक्षावृत्ति कर रहे है। कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने राजस्व अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वे राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।

                कलेक्टर श्री आशीष सिंह अध्यक्षता में आज यहां समय-सीमा के पत्रों के निराकरण (टी.एल.) की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आर.पी. अहिरवार, अपर कलेक्टर श्री गौरव बेनल, श्री रोशन राय, श्रीमती निशा डामोर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने  जिले में शांति पूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से मतदान सम्पन्न होने पर सभी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी अपने विभागीय दायित्वों के निर्वहन में जुट जायें। उन्होंने बैठक में विभागीय गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने भविष्य में किये जाने वाले कार्यों की रूपरेखा पर चर्चा की।

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कलेक्टर श्री आशीष सिंह की पहल पर नोटरी वाली संपत्तियों की होगी रजिस्ट्री

  कलेक्टर श्री आशीष सिंह की पहल पर इंदौर में नागरिकों को उनकी संपत्ति का वास्तविक मालिकाना हक दिलाने के लिये पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में अनुकरणीय अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत शहर के ऐसी अवैध कॉलोनियां जिन्हे राज्य शासन के निर्देशानुसार वैध किया गया है,वहां के रहवासियों की संपत्ति की रजिस्ट्री कराई जायेगी।

                इसके लिये अभी पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर यह कार्य वार्ड नम्बर 31 में स्थित शीतल नगर रेडिसन होटल के पास तथा वार्ड नम्बर 30 में स्थित मालवीय नगर हेतु किया जायेगा। इन स्थानों पर बेहतर परिणाम प्राप्त होने के उपरांत अन्य क्षेत्रों में भी बढाया जा सकेगा।  कलेक्टर श्री आशीष सिंह द्वारा आम जनता के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि- कई वर्षों से अविवादित सम्पत्ति की नोटरी के माध्यम से मालिक बने आमजन को अब नगर पालिका की सम्पत्ति कर रसीद तथा असेस्मेंट के आधार पर पंजीयन कार्यालय में अपने दस्तावेज का पंजीयन कराया जा सकेगा। ऐसे भूस्वामी जिनके पास मालिकाना हक की पुरानी नोटरी है वे उसके आधार पर आगे के दस्तावेज जैसे दान, विक्रय, सहस्वामी आदि दस्तावेज पंजीयन कार्यालय में पंजीयन करा सकेंगे।

लू (तापघात) के प्रकोप से बचाव हेतु सुझाव

 इंदौर जिले में बढ़ते हुये तापमान को देखते हुये लू (तापघात) के प्रकोप से बचाव हेतु एडवायजरी जारी की गई है। लू (तापघात) से बचाव हेतु नागरिकों से अपील की गई है कि लू (तापघात) के प्रकोप से बचाव एवं उपचार के लिए जारी एडवायजरी में दिये गये सुझावों का पालन करें।

   मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एस. सैत्या ने नागरिकों से कहा है कि लू (तापघात) के लक्षण दिखाई देते ही निकट के अस्पताल में संपर्क कर आवश्यक दवा का उपयोग सुनिश्चित करें। बचाव के उपाय करें। उन्होंने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में लू लगने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। वृद्ध, बच्चे, खिलाड़ी, धूप में काम करने वाले श्रमिक सर्वाधिक खतरे में रहते हैं। पसीना न आना, गर्म-लाल एवं शुष्क त्वचा, मतली, सिरदर्द, थकान, चक्कर आना, उल्टियां होना, बेहोश हो जाना एवं पुतलियां छोटी हो जाना लू (तापघात) के प्रमुख लक्षण एवं संकेत हैं।

    डॉ. सैत्या ने कहा है कि गर्मी व लू से बचाव के लिए खूब पानी पिएं व खाली पेट न रहें, शराब व केफिन के सेवन से बचें, ठण्डे पानी से नहाएं, सर ढके व हल्के रंग के ढीले व पूरी बांह के कपड़े पहने, बच्चों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़े, दिन में दोपहर 12 से शाम 04 के मध्य बाहर जाने से बचें, धूप में नंगे पाँव न चलें, बहुत अधिक भारी कार्य न करें। बाहर निकलना आवश्यक हो तो छतरी व धूप के चश्मे का उपयोग करें, धूप में निकलने से पहले कम से कम दो गिलास पानी अवश्य पिएं, बुखार व लू लगने पर निकट के अस्पताल में संपर्क कर आवश्यक दवा का उपयोग सुनिश्चित करें। O.R.S. का घोल, नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी, फलों का रस इत्यादि का सेवन लाभदायक होता है।

Source – pro

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