मुख्यमंत्री डॉ. यादव अभ्युदय इंडस्ट्री लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026 में हुए शामिल

Abhyudaya Industry Leadership Conclave 2026

Chief Minister Dr. Yadav participated in Abhyudaya Industry Leadership Conclave 2026
Chief Minister Dr. Yadav participated in Abhyudaya Industry Leadership Conclave 2026

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं विद्मान हैं। औद्योगिक निवेश प्राप्त करने, सोलर एनर्जी उत्पादन, कृषि उत्पादन सहित अनेक मामलों में मध्यप्रदेश, देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत@2047 में मध्यप्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। हमारी सरकार ने मध्यप्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी क्षेत्रों के लिए 25 वर्षों का दृष्टिपत्र तैयार किया गया है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय अभी 1 लाख 55 हजार रुपए है। अगले 25 साल में इसे 22 लाख 50 हजार करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम कृषि क्षेत्र में लंबे समय से अग्रणी है, लेकिन एमएसएमई प्रदेश के औद्योगिक विकास की रीढ़ (बैक बोन) है। राज्य सरकार एमएसएमई और लघु-कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित ‘अभ्युदय इंडस्ट्री लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026’ में एक निजी मीडिया संस्थान के संपादक श्री प्रफुल्ल केटकर के साथ चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चर्चा के दौरान प्रदेश की प्रगति, औद्योगिक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित प्रश्नों का बेबाकी से उत्तर दिया।

प्रदेश में लागू की 18 नई औद्योगिक नीतियों की विशेषताओं पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों तक भी पहुंचे, इसके लिए संभागीय स्तर पर अलग-अलग सेक्टर्स पर केंद्रित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गई हैं। माइनिंग, टेक्सटाइल, टूरिज्म सहित अनेक क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं हैं। कटनी और शहडोल में माइनिंग सेक्टर में निवेश के लिए देश के शीर्ष उद्योगपति आगे आए हैं। नर्मदापुरम के बाबई-मोहासा में इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स तैयार करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहा है, जहां उद्योग शुरू करने के लिए तेजी से निवेशक आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का युवा रोजगार देने वाले बनें, इसलिए स्वरोजगार और युवा उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिली है। होम-स्टे से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। यही कारण है कि प्रदेश में बेरोजगारी दर तेजी से घट रही है। अब मध्यप्रदेश मात्र 1 से डेढ़ प्रतिशत बेरोजगारी दर वाला राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहन देने के साथ ही रोजगार आधारित उद्योग स्थापित करने पर निवेशकों को विशेष अनुदान दिया जा रहा है।

कृषक कल्याण वर्ष में किसानों की समृद्धि का संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए कृषि उत्पादन के साथ फूड प्रोसेसिंग और पशुपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषक कल्याण वर्ष में हमारा संकल्प है कि प्रदेश के किसान आत्मनिर्भर और समृद्ध हों। पशुपालन और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजनाओं को लागू कर रहे हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश में दूध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। राज्य का सिंचाई रकबा तेजी से बढ़ रहा है। पिछले डेढ़ साल में ही 7.5 लाख हैक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ा है, इसे 100 लाख हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। नर्मदा का जल क्षिप्रा नदी में पहुंचने से मालवा अंचल के किसानों को भी लाभ मिला है।

नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में बन रहे आत्मनिर्भर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर आ चुका है। उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर मुरैना में सोलर एनर्जी का बड़ा प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है। दोनों राज्य 6-6 महीने इससे निर्मित बिजली का उपयोग करेंगे। किसानों को सोलर पंप देकर बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बना रहे हैं। ग्रीनगो कंपनी ने आंध्र प्रदेश के बाद देश में दूसरा पंप स्टोरेज मंदसौर के गांधी सागर बांध में लगाया है, जिसे 2 साल की अल्प अवधि में पूर्ण किया गया है। मध्यप्रदेश पड़ौसी राज्यों के साथ बेहतर संबंध स्थापित करते हुए जल बंटवारे, नदी जोड़ो अभियान और नशे के खिलाफ अभियान चला रहा है।

प्रदेश के समग्र विकास को गति प्रदान करेगा बजट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। राज्य सरकार ने 5 साल में प्रदेश का बजट दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। आगामी 18 फरवरी को राज्य सरकार बजट पेश करेगी, जो प्रदेश के समग्र विकास को गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए शहरीकरण और औद्योगिकरण दोनों आवश्यक हैं। इंदौर और भोपाल में मेट्रोपोलिटन एरिया विकसित किए जा रहे हैं। सरकार ने पहले औद्योगिकरण पर जोर दिया, क्योंकि जब उद्योग स्थापित होंगे तो शहर भी विकास करते जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश 31 मार्च की डेडलाइन से पहले नक्सलवाद से मुक्त होने वाला पहला राज्य बना है। इस उपलब्धि में हमारी हॉक फोर्स और पुलिस के जवानों की अहम भूमिका रही है। अब दोबारा नक्सलवाद प्रदेश की धरती पर न पनपे, इसके लिए समेकित रूप से विकास योजनाएं बनाकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। Abhyudaya Industry Leadership Conclave 2026

युवाओं के कौशल उन्नयन पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों बढ़ने से भविष्य में हमें बड़े पैमाने पर कुशल कामगारों की आवश्यकता होगी। इसके लिए शिक्षा नीति 2020 लागू करने के बाद सरकार युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए विशेष व्यवस्था कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के सकारात्मक उपयोग और भावी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। तकनीक को प्रोत्साहित करने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों में आईटी सेंटर खोलने की शुरुआत हुई है। हम युवाओं को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

संवाद कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप विशेष रूप से उपस्थित थे। भारत प्रकाशन के प्रबंध निदेशक श्री अरुण कुमार गोयल ने सभी का आभार व्यक्त किया।

source – mpinfo

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