बिजली की लैब में अब अन्य राज्यों की सामग्री की भी जांच होगी

इंदौर। पोलोग्राउंड स्थित बिजली मुख्यालय की लैब में अब अन्य राज्यों के बिजली बोर्ड व कम्पनियों की सामग्री की टेस्टिंग हो सकेगी। ट्रांसफार्मर, केबल, कंडक्टर, तार आदि के लिए अब किसी अन्य राज्य पर निर्भर नहीं रहना होगा। कम्पनी के लैब को राष्ट्रीय मान्यता मिली है। दो वर्ष तक सरकार ने मान्यता दी है।
मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की पोलोग्राउंड स्थित टेस्टिंग लेब को अगले दो वर्षों की राष्ट्रीय स्तर की मान्यता मिली है। प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने बताया कि नेशनल एक्रेडिएशन बोर्ड फार टेस्टिंग एंड कॉलिब्रेशन लेबोरेटरी से इंदौर स्थित लेब को 15 जुलाई 2025 तक की मान्यता मिली है। श्री तोमर ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की उक्त लेब को आगामी दो वर्ष की मान्यता मिलना टेस्टिंग एवं क्वालिटी मैनेजमेंट की दिशा में आत्म निर्भरता के लिए बड़ी उपलब्धि है। इस लेब में अन्य राज्यों के बिजली बोर्ड, अन्य विद्युत कंपनियों की सामग्री जैसे कंडक्टर, ट्रांसफार्मर, केबल की टेस्टिंग भी हो सकेगी। श्री तोमर ने इस उपलब्धि के लिए लेब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरके नेगी के साथ ही अन्य कर्मचारियों, अधिकारियों को बधाई दी है। ज्ञात हैं कि इस लेब के कारण विद्युत सामग्री के अन्य राज्यों में राष्ट्रीय स्तर की लेब में परीक्षण के लिए लगने वाली राशि एवं समय लगता था, वह बच रहा है। वहीं गुणवत्ता, समय पालन, सतत विद्युत प्रदाय, उपकरणों/संसाधनों के ज्यादा अवधि तक कार्य करने में भी मदद मिल रही है।