अब शादी के लिए जन्मपत्री ही नहीं सिबिल स्कोर भी मिलाना पड़ेगा!

Now for marriage, not only the horoscope but also the CIBIL score will have to be matched.
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नई दिल्ली  महाराष्ट्र के मुर्तिजापुर में शादी संबंध को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खबर है कि विवाह अपने अंतिम दौर में था, लेकिन तभी बातचीत टूट गई, क्योंकि दूल्हे का सिबिल स्कोर (क्रेडिट स्कोर) कम था। इस घटना को लेकर कहा जा रहा है कि अब शादी-विवाद के लिए जन्मपत्री का मिलान ही काफी नहीं है, बल्कि सिबिल स्कोर का ठीक-ठाक होना भी जरुरी हो गया है।

इस प्रकार शादी-विवाह से पहले दोनों ही पक्ष एक दूसरे की जानकारी कुछ तरह से मालूम कर रहे हैं, जैसे कि बैंक कर्ज देने से पहले व्यक्ति की वित्तीय स्थिति देखते हैं। अब लड़की के परिवार वाले अपनी बेटी के लिए दूल्हे का आर्थिक बैकग्राउंड जांचने से परहेज नहीं कर रहे हैं। जानकारी अनुसार मुर्तिजापुर के दो परिवारों के बीच विवाह करने को लेकर चर्चा लंबे समय से चल रही थी। cibil score for marriage

लड़का और लड़की ने भी एक-दूसरे को पसंद कर लिया था। दोनों परिवार शादी की औपचारिकताओं को लेकर भी सहमत हुए थे, लेकिन जैसे ही शादी पक्की होने और तारीख फिक्स होने वाली थी, लड़की के मामा ने अचानक ही लड़के का सिबिल स्कोर देखने की मांग रख दी। इसके बाद दूल्हे का सिबिल स्कोर भी चेक किया गया। अब जो जानकारी सामने आई उसे देख सभी हैरान थे, क्योंकि रिपोर्ट में सामने आया कि लड़के ने तो कई बैंकों से कर्ज ले रखा था और आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं थी।

इस खुलासे के बाद लड़की के मामा और परिवार ने शादी करने से इनकार कर दिया। दरअसल लड़की के मामा का कहना था, जिस लड़के का जीवन पहले से ही कर्ज में डूबा हुआ है, वो अपनी पत्नी के भविष्य को कैसे खुशहाल और सुरक्षित रख सकता है। बस इसी बात को लेकर शादी होते-होते रह गई। cibil score for marriage

इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर चर्चा आम हो गई कि पहले शादी के लिए गोत्र, कुंडली, नौकरी और सामाजिक स्थिति जैसी चीजें महत्वपूर्ण मानी जाती थीं, लेकिन अब वित्तीय स्थिरता और सिबिल स्कोर भी एक महत्वपूर्ण कारक बन गए हैं। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि आज के समय में सिर्फ नौकरी या कमाई ही नहीं, बल्कि व्यक्ति की आर्थिक प्रबंधन क्षमता भी रिश्तों में मायने रखने लगी है।

इसके अलावा इस घटना ने यह भी संदेश दे दिया है कि बैंक से कर्ज लें तो यह सोच लें कि वह आगे कहीं आपके शादी-विवाह में तो वाधा उत्पन्न नहीं कर देगा? इस तरह आज वित्तीय जिम्मेदारी न केवल बैंकिंग के लिए, बल्कि सामाजिक जीवन में भी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।

source – ems