मध्य प्रदेश में लगातार तीसरे दिन बारिश का दौर जारी
कई हाईवे-पुल जलमग्न

भोपाल । मध्य प्रदेश में लगातार तीसरे दिन बारिश का दौर जारी है। कई जिलों में तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भर गया है। प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। राजधानी भोपाल में बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। दो दिन में करीब 8 इंच बारिश दर्ज होने के बाद लगभग 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया। कई इलाकों में सडक़ें घंटों बंद रहीं और बिजली के ट्रांसफार्मर तथा डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स पानी में डूबने के कारण सुरक्षा के लिहाज से विद्युत आपूर्ति बंद करनी पड़ी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को राज्य आपदा प्रबंधन के सिचुएशन रूम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बारिश और बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज रखने और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
पिछले 24 घंटे में राजगढ़ जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। ब्यावरा में करीब 9 इंच, खिलचीपुर में 8 इंच, जीरापुर में 7.7 इंच और राजगढ़ शहर में 4.4 इंच बारिश हुई। नरसिंहपुर में 3.7 इंच, पचोर में 3.7 इंच और सारंगपुर में 3.6 इंच पानी गिरा। आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच और आगर शहर में 3.6 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच, शाजापुर शहर में 3.4 इंच, गुना के कुंभराज में 3.7 इंच और मंदसौर के गरोठ में 2.7 इंच बारिश हुई। उज्जैन के महिदपुर और माकड़ोन में भी ढाई इंच के आसपास बारिश दर्ज की गई।
नर्मदा और तवा का जलस्तर बढ़ा
नर्मदापुरम में लगातार बारिश के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नर्मदा का लेवल करीब 9.6 फीट और तवा डैम का जलस्तर 8.5 फीट बढ़ चुका है। जिले में अब तक औसतन 20.64 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सेठानी घाट पर नर्मदा का जलस्तर 946.40 फीट तक पहुंच गया है। पिछले 48 घंटे में नदी के जलस्तर में करीब 10 फीट की बढ़ोतरी बताई गई है। लगातार बारिश का असर प्रदेश के बड़े बांधों पर भी पड़ा है। भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर बढक़र 1663 फीट पहुंच गया है। नर्मदा में बढ़ते जलस्तर के चलते इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर भी बढ़ रहा है। वहीं उमरिया के जोहिला और आगर-मालवा के कुंडालिया डैम से पानी छोड़ा जा रहा है। heavy rain in mp
शिवपुरी के देहात थाना क्षेत्र में ककरवाया के पास एनएच-46 पर करीब एक फीट पानी भरने से मंगलवार सुबह भीषण जाम लग गया। ओवरब्रिज निर्माण के कारण हाईवे पर फिलहाल एक ही पट्टी से यातायात चल रहा है। पानी भरने के कारण वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। सूचना मिलने पर यातायात और देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फंसे वाहनों को सुरक्षित निकलवाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थान पर हर साल बारिश के दौरान जलभराव की समस्या होती है। इसी जिले के न्यू पुलिस लाइन स्टेशन रोड पर पानी से भरे गड्ढे में एक स्कूली वैन फंस गई। वैन में बच्चे सवार थे। बच्चों और लोगों ने टायर के नीचे पत्थर डालकर वाहन को बाहर निकालने का प्रयास किया।
रायसेन में लगातार बारिश के कारण सांची रोड पर पगनेश्वर और भोपाल रोड पर जाखा बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ गया। पानी बढऩे से छोटे पुल डूब गए। जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया। सेमरा के पीएमश्री हाईस्कूल परिसर में कमर तक पानी भर गया। शिक्षक स्कूल पहुंचे, लेकिन जलभराव के कारण बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे।
सीहोर में भी बारिश के कारण स्थिति बिगड़ी। भीलाखेड़ी नदी के पास एक मकान में रहने वाला एक ही परिवार के 10 लोग पानी से घिर गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जबलपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर छीता खुदरी बांध में नहाते समय पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी शेख अब्दुल (35) तेज बहाव में डूब गया था। वह जबलपुर में एक निजी प्लांट में काम करने आया था। करीब 48 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद मंगलवार को बांध के दूसरे किनारे पर उसका शव पानी में तैरता मिला। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक तेज बहाव के बीच खुद को बचाने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है।
खरगोन में लगातार बारिश के चलते अपरवेदा बांध के दो गेट करीब डेढ़-डेढ़ मीटर खोल दिए गए हैं। बांध से करीब 340 क्यूमेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। इसके बाद निचले क्षेत्र के 24 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।
गंजबासौदा में पुल क्षतिग्रस्त
विदिशा जिले के गंजबासौदा में तेज बारिश के कारण गंज-बेतवा पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। नदी का जलस्तर कम होने के बावजूद पुल पर यातायात शुरू नहीं किया जा सका है। इससे स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार बारिश के बीच प्रशासन ने नदी-नालों, बांधों और जलभराव वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से रेस्क्यू और राहत कार्यों को लगातार सक्रिय रखने को कहा है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और बढ़ते जलस्तर के बीच सडक़ एवं बिजली व्यवस्था को बनाए रखना है।
source – ems