भडक़ा ईरान… अमेरिका भरोसे लायक नहीं

तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमलों के बाद तेहरान ने अमेरिका पर युद्धविराम तोडऩे और बदनीयती दिखाने का आरोप लगाया है। ईरान ने साफ कहा है कि वह किसी भी हमले का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेगा। दूसरी तरफ लंबे समय से बंद इंटरनेट सेवाओं को भी अब धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य, तेल सप्लाई और युद्धविराम वार्ता को लेकर पूरी दुनिया की नजरें खाड़ी क्षेत्र पर टिक गई हैं।
अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में कुछ ठिकानों पर हमला किया। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई रक्षात्मक थी और इसमें मिसाइल लॉन्च साइट्स तथा बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं को निशाना बनाया गया। अमेरिका ने दावा किया कि उसने संयम के साथ कार्रवाई की। लेकिन ईरान ने इसे सीधा युद्धविराम का उल्लंघन बताया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका भरोसे के लायक नहीं है और अब हर परिणाम की जिम्मेदारी वॉशिंगटन की होगी। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने यह भी दावा किया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में घुसे एक ड्रोन को मार गिराया। और दूसरे ड्रोन तथा लड़ाकू विमान को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
हमास के सैन्य विंग प्रमुख को इजराइल ने किया ढेर
अवीव। इस्राइली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने गाजा में हमास के सैन्य विंग के नए प्रमुख मुहम्मद ओदेह को मार गिराया है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। इस्राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी पुष्टि की।
मुहम्मद ओदेह 7 अक्टूबर को हुए नरसंहार के दौरान हमास के खुफिया विभाग का प्रमुख था। उसे हमास के नौसैनिक कमांडर के रूप में भी जाना जाता था और उसने कई आतंकवादी हमलों की योजना बनाई थी। ओदेह को लगभग एक सप्ताह पहले ही नियुक्त किया गया था, ताकि वह दो हफ्ते पहले आईडीएफ के हमले में मारे गए इज्जेदीन अल-हद्दाद की जगह ले सके। ओदेह इस्राइली नागरिकों और आईडीएफ सैनिकों की हत्या और अपहरण के लिए भी जिम्मेदार था।