भगवान लक्ष्मी नृसिंह का नाचते-गाते भक्तों ने जगह-जगह किया पूजन

छत्रीबाग मंदिर से सुसज्जित रथ पर विराजित होकर भक्तों को दर्शन देने निकले भगवान, जगदगुरु स्वामी रामदयाल महाराज के सानिध्य में निकली भव्य शोभायात्रा

इंदौर, 30 अप्रैल। भगवान नृसिंह के प्राकट्य उत्सव के उपलक्ष्य में गुरुवार को सुबह छत्रीबाग स्थित लक्ष्मी नृसिंह मंदिर से श्री जांगड़ा पोरवाल पंचायती सभा के तत्वावधान में निकली भव्य शोभायात्रा ने शहर के समूचे पश्चिम क्षेत्र को आस्था-श्रद्धा, भक्ति-उत्साह और संस्कृति-सनातन परम्पराओं के रंग में भिगोये रखा। भगवान नृसिंह के प्रति आस्था का समंदर पूरे समय हिलोरे भरता रहा। एक सुसज्जित रथ पर विराजित होकर भगवान जब अपने भक्तों को दर्शन देने मंदिर से निकले तो उनकी एक झलक पाने के लिए भक्तों का सैलाब रास्ते भर उमड़ता रहा, वहीं अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के आचार्य जगदगुरु स्वामी रामदयाल महाराज एवं उनकी संत मंडली स्वर्ण रथ पर सवार होकर भक्तों को आशीर्वाद देते चल रहे थे।
श्री जांगड़ा पोरवाल पंचायती सभा उत्सव समिति के अरुण पोरवाल, सभा के अध्यक्ष रामदयाल फरक्या एवं महोत्सव के मुख्य यजमान समाजसेवी जगदीश कन्हैयालाल गुप्ता खेजडियावाला ने बताया कि छत्रीबाग मंदिर पर जगदगुरु स्वामी रामदयाल महाराज एवं संत मंडली द्वारा मंदिर में पूजा अर्चना के साथ इस दिव्य शोभायात्रा का शुभारम्भ हुआ। सासंद शंकर लालवानी, विधायक श्रीमती मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित शहर के अनेक राजनेता एवं पार्षद भी यात्रा में भागीदार बने। समाज की ओर से रामस्वरूप पोरवाल, अशोक मेहता, श्याम राणापुर, कृष्णकांत मजावदिया, मोहन धनोतिया, घनश्याम पोरवाल, चंद्रशेखर पोरवाल, सुनील गुप्ता तथा मातृशक्ति की ओर से कमल घरिया, हेमलता घाटिया और मंजू धनोतिया सहित समाज के सैकड़ों युवा और महिलाओं ने भी यात्रा की व्यवस्थाओं को संभाला। भगवान के रथ को समाज के युवा, मातृशक्ति एवं वृद्धजन रस्सी की मदद से हाथों से खींचते हुए चल रहे थे। भजन गायक द्वारका मंत्री के भजनों की प्रस्तुतियों ने यात्रा के उत्साह और जोश को लगातार बढ़ाए रखा।
छत्रीबाग मंदिर से प्रारम्भ हुई यह यात्रा राजस्व ग्राम, सेवालय, नरसिंह बाजार, सांठा बाजार, बजाज खाना चौक, मारोठिया बाजार से सीतलामाता बाजार के कोने से पुनः लक्ष्मी नृसिंह मंदिर छत्रीबाग पहुंची जहाँ हजारों भक्तों ने भजन-संकीर्तन और जयघोष के बीच नाचते-गाते हुए महाभिषेक एवं महाआरती कर भगवान से पूरे समाज, शहर और राष्ट्र में सुख, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की। इसके पूर्व वैदिक मंगलाचरण के बीच जब सुसज्जित रथ में भगवान लक्ष्मी नृसिंह को विराजित किया गया, जन सैलाब ने जयघोष से पूरे मंदिर परिसर को गुंजायमान बना दिया।
35 स्वागतमंचों से हुआ पूजन – बैंड-बाजों, ढोल, शहनाई और परम्परागत वाद्य यंत्रों की सुर लहरियों के बीच मार्ग में 35 स्वागत मंचों और तोरण द्वारों से भगवान के रथ के पूजन तथा स्वामी रामदयाल महाराज सहित संतों की अगवानी तथा पुष्प वर्षा के दृश्यों का सिलसिला पूरे समय चलता रहा, जिसने भक्तों के उत्साह को लगातार बनाए रखा। रास्तेभर भगवान के जयघोष एवं भजन संकीर्तन की धूम मची रही। भजन एवं गरबा मंडलियों के बीच भगवान के अलग-अलग स्वरूपों में सज-धजकर आए सैकड़ों श्रद्धालु आकर्षण के केंद्र बने रहे।
50 कार्यकर्ताओं ने संभाली यातायात व्यवस्था – यातायात व्यवस्था सँभालने के लिए महोत्सव समिति की ओर से 50 कार्यकर्ता एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए भी स्वयं सेवक तैनात रहे। यात्रा के पुनः छत्रीबाग मंदिर पहुँचने पर महाभिषेक, महाआरती एवं महाप्रसादी के आयोजन में 3 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। अंत में उत्सव समिति के अरुण पोरवाल और अध्यक्ष रामदयाल फरक्या ने सभी श्रद्धालुओं का आभार माना।

श्री जांगड़ा पोरवाल पंचायती सभा इंदौर
श्री पोरवाल परिसर, नरसिंह मंदिर (श्रीराम मंदिर) 42, छत्रीबाग, इंदौर (म.प्र) फोन – 98264-44677