पार्षद फौजिया-रुबीना पर केस दर्ज

वकीलों ने कहा-संविधान में एफआईआर का प्रावधान

Case filed against councilor Fauzia and Rubina
Case filed against councilor Fauzia and Rubina

इंदौर। निगम के बजट सम्मेलन में पार्षद रूबीना खान और फौजिया अलीम शेख ने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद दोनों पार्षदों से 4-4 घंटे एमजी रोड पुलिस ने बयान लिए। बयान के दौरान बजट सम्मेलन के वीडियो की भी जांच की। इसके पहले निगम सभापति मुन्नालाल यादव, पार्षद सुरेश कुरवाड़े और कमल वाघेला के बयान दर्ज हुए थे। अब पुलिस ने दोनों पार्षदों के बयानों की जांच करने के बाद आज केस दर्ज कर लिया और आगे की कार्रवाई की जा रही है। वकीलों का भी कहना है कि संविधान में वंदे मातरम का अपमान करने पर एफआईआर का प्रावधान है।

पुलिस के सूत्रों ने बताया कि वंदे मातरम को लेकर पूर्व से देशभर में बवाल मचा हुआ है। भाजपाई वंदे मातरम को लेकर कई बार कांग्रेस को आड़े हाथ ले चुके हैं। वंदे मातरम को लेकर मचे घमासान के बाद जो कांग्रेसी इससे दूर भाग रहे थे, वे भी अब सम्मान के साथ वंदे मातरम कर रहे हैं। निगम के बजट सम्मेलन के शुरुआत में हर बार राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत का गायन और दिंवगतों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है। श्रद्धांजलि को लेकर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता है। लेकिन, इस बार के बजट सम्मेलन में वंदे मातरम को लेकर परिषद इतनी उलझ गई कि प्रस्तावों के अलावा अन्य मुद्दों पर बात नहीं हो पाई। दोनों पार्षदों को बहस सत्र से बाहर होना पड़ा। आज सुबह इस पूरे मामले में एमजी रोड थाने पर दोनों पार्षदों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। इधर अब पद पर रहने को लेकर भी कानूनी विचार विमर्श किया जा रहा है, तथा छापे की कार्रवाई निगम द्वारा की जा रही है।

निगम बना रहा दबाव
उधर, कुछ माह पहले बाणगंगा पुलिस ने लव फंडिंग मामले में अनवर कादरी(डकैत) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद कादरी की पार्षदी खत्म हो गई। अब निगम रूबीना खान और फौजिया अलीम की पार्षदी भी छीनना चाहता है। ऐसा हुआ तो कांग्रेस के तीन पार्षद कम हो जाएंगे, जिससे उन्हें आगामी चुनाव में परेशानी का सामना कर पड़ सकता है।