जनगणना में जानबूझकर गलत जानकारी दी तो होगी जेल!

इंदौर। जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति ने जानबूझकर गलत जानकारी दी तो उसे जेल की सलाकों के पीछे जाना होगा। यह जेल तीन साल तक की हो सकती है, साथ ही जुर्माना का भी प्रावधान किया गया है। इस संबंध में गृह विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जनगणना कार्य के दौरान प्रत्येक नागरिक को सही और स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य होगा।
शहर में इन दिनों वर्ष 2027 के लिए जनगणना का कार्य चल रहा है। जनगणना अधिकारी या जनगणना करने में सहायता देने के लिए व्यक्ति, कर्मचारी या अफसर को जानकारी देने से इंकार करेगा या कर्तव्य का पालन में प्रतिबंधित या बाधित करेगा या जो जनगणना अधिकारी द्वारा उससे पूछे गए किसी ऐसे प्रश्न का, जिसका उत्तर देने के लिए मना करेगा या मिथ्या उत्तर देगा, या अपनी जानकारी या विश्वास के अनुसार उत्तर देने से इंकार करेगा। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है, सवालों के जवाब देने से इनकार करता है या जनगणना कार्य में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में 1,000 रुपये तक का जुर्माना और गंभीर स्थिति में तीन साल तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि जनगणना के दौरान एकत्रित किया गया डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। इन आंकड़ों को न तो सार्वजनिक किया जाएगा और न ही किसी अदालत में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
