इस बार कुछ अलग हटके निकलेगी रंग पंचमी की गेर –डॉ हिना नीमा
रंग पंचमी की गैर निकलती है बैंड बाजे डीजे की धुन पर होली के दीवाने करते हैं गुलाल एवं रंग बिरंगे रंगों की बौछार

इस बार कुछ अलग हटके निकलेगी रंग पंचमी की गेर –डॉ हिना नीमा
प्रांत सह सचिव
(विद्या भारती मालवा)
*इंदौर हर साल चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन देवताओं की होली का दिन माना जाता है. देश के कई हिस्सों में रंग पंचमी का त्योहार खूब धूमधाम से मनाया जाता है. मध्यप्रदेश के इंदौर शहर की रंगपंचमी तो विश्व प्रसिद्ध है. यहां के लोग सही मायने में रंग पंचमी के दिन ही होली खेलते हैं. इस दिन इंदौर में जुलूस निकाला जाता है जिसे गेर कहा जाता है. इस गेर में हजारों लोग होली के पर्व को रंग पंचमी के रूप में निकलने वाली गैर में शामिल होते हैं एक दूसरे पर कलर और गुलाल लगाकर आसमान में जमकर गुलाल उड़ाया जाता है.
इस बार रंग पंचमी का पर्व 30 मार्च को है. यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में इंदौर की गेर को शामिल कराने के लिए इस साल गेर को और भी खास बनाया जा रहा है. इसके लिए काफी तैयारियां की जा रही हैं. आइए आपको बताते हैं इंदौर के गेर का इतिहास और इससे जुड़ी खास बातें.
ये है गेर का इतिहास
कहा जाता है कि इंदौर में गेर की परंपरा होलकर वंश के समय से ही चली आ रही है. इस दिन होलकर राजवंश के लोग आम जनता के साथ होली खेलने के लिए निकलते थे और पूरे शहर में भ्रमण करते थे. इसका उद्देश्य ऊंच-नीच की भावना को मिटाकर आपस में मिलजुलकर इस पर्व को मनाना और आपस में भाईचारा बढ़ाना था. राजवंश खत्म होने के बाद भी ये परंपरा कायम रखी गई. आज इस शहर में यहां के नेता, समीतियां और तमाम संस्थाएं मिलकर गेर निकालती हैं.
नजारा देखने आते हैं सैलानी
इंदौर में रंग पंचमी के पर्व के लिए लोग सालभर तक बेसब्री से इंतजार करते हैं. इस दिन यहां पिचकारी, वॉटर टैंकर, मिसाइलों से करीब 100 से 200 फीट ऊंचाई तक हजारों किलो गुलाल और रंगों की बौछार की जाती है. हर तरफ आसमान रंगों से सराबोर नजर आता है. गेर निकालने का परंपरागत मुख्य मार्ग मल्हारगंज, गौराकुंड चौराहे से राजवाड़ा तक रहता है. इसके अलावा भी शहर के अलग-अलग हिस्सों से निकाली जाती है, लेकिन वो भी राजवाड़ा में ही समाप्त होती है. इस नजारे को देखने के लिए दूर-दूर से सैलानी यहां आते हैं. रंग पंचमी मनाने के बाद लोग पूड़ी-श्रीखंड का भी मजा लेते हैं.
इस बार गेर होगी बहुत खास
इस साल रंग पंचमी की गेर को और भी खास बनाने के लिए आयोजकों ने संसाधनों को दोगना कर दिया है. रंग उड़ाने के आधुनिक तौर-तरीके भी जुटाए जा रहे हैं. इसमें 200 फीट ऊपर तक मिसाइलों से रंग उड़ाने के साथ हवा में तिरंगा बनाया जाएगा. तोपों से फूल बरसाए जाएंगे और महिला बाउंसर भी तैनात की जाएंगी. इसके अलावा बैंड, डीजे, नगाड़े, ट्रैक्टर, मेटाडोर, डंपर समेत पानी की मिसाइल, गुलाल की मिसाइल, गुलाब उड़ाती तोप आकर्षण बनेगी.
डॉ हीन नीमा.
विद्या भारती मालवा प्रांत .सह सचिव
