सर्वपितृ अमावस्या के शुभ मुहूर्त

सर्वपितृ अमावस्या 21 सितंबर 2025 को है, जो आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है। इस दिन पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान और दान किए जाते हैं।
सर्वपितृ अमावस्या के शुभ मुहूर्त:
– कुतुप मुहूर्त: 11:50 ए एम से 12:38 पी एम तक (49 मिनट)
– रौहिण मुहूर्त: 12:38 पी एम से 01:27 पी एम तक (49 मिनट)
– अपराह्न काल: 01:27 पी एम से 03:53 पी एम तक (2 घंटे 26 मिनट)
– ब्रह्म मुहूर्त: 04:34 ए एम से 05:22 ए एम तक
– अभिजीत मुहूर्त: 11:50 ए एम से 12:38 पी एम तक sarva pitru amavasya 2025 date
पितृ पक्ष का महत्व
पितृ पक्ष में लोग अपने पितरों को याद करते हैं और उनके लिए श्राद्ध और तर्पण करते हैं। यह पक्ष पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का समय है। पितृ पक्ष के दौरान, लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
सर्वपितृ अमावस्या के अनुष्ठान
सर्वपितृ अमावस्या के दिन, लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए निम्नलिखित अनुष्ठान करते हैं:
1. तर्पण: पितरों को जल अर्पित करना।
2. पिंडदान: पितरों को पिंड अर्पित करना।
3. श्राद्ध: पितरों के लिए भोजन और अन्य सामग्री अर्पित करना। sarva pitru amavasya
सर्वपितृ अमावस्या का महत्व:
सर्वपितृ अमावस्या पितृ पक्ष में एक महत्वपूर्ण दिन है, जब पितरों का श्राद्ध किया जाता है। इस दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की अमावस्या तिथि को हुई हो या जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात न हो। इस दिन ज्ञात और अज्ञात सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है।
सर्वपितृ अमावस्या पर बनने वाले शुभ योग:
– सर्वार्थ सिद्धि योग: 21 सितंबर को सुबह 09:32 ए एम से 22 सितंबर को सुबह 06:09 ए एम तक
– शुभ योग: प्रातःकाल से शाम 07:53 पी एम तक
– शुक्ल योग: शाम 07:53 पी एम के बाद
source – news18 and meta ai
