ईडी के छापों से नेताओं के छूटे पसीने, सुप्रीम कोर्ट में उठे सवाल

नई दिल्ली। देशभर में कई नेताओं के घरों और दफ्तरों पर ईडी के छापे पड़ने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गईं। इसके खिलाफ कई नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जहां कोर्ट में कई तरह के सवाल उठे हैं, वहीं नेताओं के पसीने भी छूटते नजर आ रहे हैं।
मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा की दोबारा से नियुक्ति का है।
सुप्रीम कोर्ट ने मिश्रा को तीसरी बार सेवा विस्तार दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। 8 सितंबर, 2021 को न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की बेंच ने मिश्रा के कार्यकाल को दो साल से आगे बढ़ाने के केंद्र के आदेश को बरकरार रखा था।
Also Read – अवैध परिवहन की रोकथाम में होगा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग
हालांकि, बेंच ने कहा था कि सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त करने वाले अधिकारियों के कार्यकाल में विस्तार केवल दुर्लभ और असाधारण मामलों में किया जाना चाहिए. विस्तार थोड़े समय के लिए होना चाहिए न कि अनिश्चित काल के लिए।
अदालत ने गैर सरकारी संगठन ‘कॉमन कॉजÓ की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि इसकी जांच होनी चाहिए कि क्या मिश्रा के तीन साल के कार्यकाल का फैसला सुप्रीम कोर्ट के 1997 के फैसले के विपरीत है, जिसमें ईडी और केंद्रीय जांच ब्यूरो के प्रमुखों के लिए न्यूनतम दो साल का कार्यकाल निर्धारित किया है।
Source – DD
Comments are closed.