Vastu Tips: नया मकान बनाये तो इन वास्तु टिप्स को कभी इग्नोर न करें

वास्तु का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। अगर हम मकान बनाते समय वास्तु दोष को इग्रोर करते है तो इसका असर हमारे जीवन में देखा जा सकता है। आज हम प्रभात संदेश के इस लेख में हम आपको बतायेंगे कि किन छोटे छोटे उपायों से आप अपने सपनों के घर का निर्माण कर सकते हैं….
प्लाट (भवन) के एकदम लगे हुए, नजदीक मcदbर, मस्जिद, चौराहा, पीपल, वटवृक्ष और धूर्त का निवास कष्टप्रद हो सकता है।
भवन निAमाण का शुरू करना शुक्ल पक्ष मे शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ होता है।
प्लाट के पूर्व व उत्तर की ओर नीचा और पश्चिम तथा दक्षिण की ओर ऊंचा होना शुभ होता है।
नये भवन निAमाण में इAंट, लोहा, पत्थर मिट्टी और लकड़़ी नई ही उपयोग करना चाहिए। एक मकान निली (पुरानी) सामग्री नये मकान में लगाना हानिकारक होता है।
भवन के लिए चयन किये जाने वाले प्लाट की चारों भुजा राइट एगिंल (९० डिग्री अंश कोण) में हों। कम ज्यादा भुजावाले प्लाट अच्छे नहीं होते।
भवन के दरवाजे अपने आप खुलने या अपने आप बंद न होते हो या भी ध्यान रखना चाहिए। दरवाजों को खोलते या बंद करते समय आवाज होना अशुभ माना जाता है।
मकान की उत्तर, पूर्व और ईशान दिशा ज्यादा खुली होनी चाहिए। अधिक निAमाण दक्षिण, पश्चिम और नैऋत्य दिशा में होना चाहिए। अAथात मकान या वस्तुआें का अधिक भार (वजन) दक्षिण, पश्चिम और नैऋत्य दिशा पर पड़ना चाहिये।
घर में युद्ध के चित्र, रोते हुए मनुष्य के चित्र, स्त्री-पुरुष के कामुक चित्र, क्रुद्ध मनुष्य के चित्र और कबूतर, कौआ, बाज उल्लू आदि के चित्र लगाना अशुभ है।
जुड़वा मकान भी वास्तु के हिसाब से बहुत अच्छे नहीं होते।
सिंह मुखी (आगे से चौड़ा) मान अशुभ होता है और गोमुखी (पीछे से ज्यादा चौड़ा) मकान शुभ होता है।
Posted – Amit
