टीवी एंकर ने मेलोनी को “मूर्ख”, “जंगली जानवर” कहा!

giorgia meloni

TV called Meloni a stupid  a wild animal
TV called Meloni a stupid a wild animal

रोम इटली और रूस के बीच कूटनीतिक तनाव उस समय और बढ़ गया जब रूसी टीवी एंकर व्लादिमीर सोलोवियोव ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। अपने शो में उन्होंने मेलोनी को “मूर्ख”, “जंगली जानवर”, “मानवता के लिए कलंक” और “नीच महिला” जैसे शब्दों से संबोधित किया। उन्होंने केवल इतना ही नहीं कहा बल्कि रूसी भाषा में मेलोनी को “फासीवादी” भी बताया और आरोप लगाया कि उन्होंने अपने वोटर्स के साथ-साथ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को भी “धोखा” दिया है। इस तरह की व्यक्तिगत और तीखी टिप्पणी ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस बयान के बाद इटली सरकार ने सख्त प्रतिक्रिया दी। इटली के विदेश मंत्री ने बताया कि रोम में तैनात रूस के राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब किया गया। वहां इटली की तरफ से इस पूरे मामले पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया गया और इस भाषा को “बेहद गंभीर और अस्वीकार्य” बताया। इटली ने साफ कहा है कि वह अपनी पीएम मेलोनी के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेगा। खास बात यह रही कि इस मुद्दे पर इटली की विपक्षी पार्टियां भी सरकार के साथ खड़ी नजर आईं और सभी ने मिलकर इस बयान की निंदा की।
दरअसल, इटली और रूस के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं। इसकी मुख्य वजह यूक्रेन है। इटली की सरकार लगातार यूक्रेन का समर्थन कर रही है और उसे सैन्य व मानवीय मदद भी दे रही है। इससे रुस नाराज है। वहीं मेलोनी की सरकार दक्षिणपंथी विचारधारा वाली है, लेकिन उनके गठबंधन में कुछ ऐसे दल भी हैं जिनके रूस के साथ पुराने संबंध हैं। इसके बावजूद मेलोनी ने यूक्रेन के मुद्दे पर रूस के खिलाफ सख्त रुख अपनाया हुआ है। giorgia meloni
बता दें हाल में मेलोनी और ट्रंप के बीच भी दूरी देखने को मिली है। पहले दोनों को करीब माना जाता था, लेकिन ईरान युद्ध और कुछ अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मेलोनी ने ट्रंप के बयानों से अलग रुख अपनाया, जिससे राजनीतिक समीकरण बदलते दिखे। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि एक टीवी एंकर के बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पहले से ही यूक्रेन युद्ध के कारण तनाव झेल रहे यूरोप और रूस के रिश्ते अब और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। आने वाले समय में यह विवाद और गहरा सकता है, क्योंकि इटली ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।

source – ems