टाटा मोटर्स 1 जुलाई से अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में इजाफा करने जा रही

नई दिल्ली वाहन निर्मात स्वदेशी कंपनी टाटा मोटर्स 1 जुलाई से अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में इजाफा करने जा रही है। कंपनी ने इस मूल्य वृद्धि का कारण कमोडिटी मार्केट की लगातार बढ़ती कीमतों और अन्य इनपुट कॉस्ट (उत्पादन लागत) के बढ़ते दबाव को बताया है। यह बढ़ोतरी 2.5 प्रतिशत तक होगी और विभिन्न मॉडलों तथा वेरिएंट्स के आधार पर अलग-अलग लागू होगी। यह चालू वित्त वर्ष में टाटा मोटर्स द्वारा अपने वाणिज्यिक वाहन पोर्टफोलियो में की गई दूसरी मूल्य वृद्धि है, जो बाजार की मौजूदा आर्थिक चुनौतियों को दर्शाती है। इससे पहले, अप्रैल महीने में भी कंपनी ने इसी तरह के कारणों का हवाला देते हुए अपने कॉमर्शियल वाहनों के दाम 1.5प्रतिशत तक बढ़ाए थे।
टाटा मोटर्स भारत में छोटे कॉमर्शियल वाहनों, पिक-अप ट्रकों, इंटरमीडिएट और हैवी कॉमर्शियल वाहनों के साथ-साथ बसों की एक विस्तृत श्रृंखला का निर्माण और बिक्री करती है, और यह नई दरें उसके पूरे कॉमर्शियल व्हीकल्स पोर्टफोलियो पर प्रभावी होंगी।TATA car price hike on 1 july
कंपनी ने मॉडल के हिसाब से कीमतों में बदलाव का खुलासा फिलहाल नहीं किया है। इसी क्रम में, कंपनी ने अपने पैसेंजर व्हीकल्स पोर्टफोलियो की कीमतों में भी 1.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जो भी 1 जुलाई से ही लागू होगी। पैसेंजर वाहनों की कीमतों में वृद्धि के लिए भी बढ़ती इनपुट कॉस्ट और इन्फ्लेशनरी प्रेशर (महंगाई के दबाव) को मुख्य कारण बताया गया है। यह बढ़ोतरी कंपनी के बेचे जाने वाले इंटरनल कम्बशन इंजन (आईसीई) मॉडल और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) दोनों पर समान रूप से लागू होगी। यहां इनपुट कॉस्ट का अर्थ किसी भी वाहन के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल जैसे स्टील, एल्युमीनियम, प्लास्टिक और रबर की लागत, मजदूरी और फैक्ट्री के अन्य खर्चों को मिलाकर आने वाली कुल लागत से है।
source – -ems