मध्य प्रदेश में केवल जून 2025 में ही 4,205 लोगों को सांप ने काटा

snake bite in madhya pradesh

भोपाल मध्य प्रदेश में बारिश के मौसम के साथ ही सर्पदंश (सांप के काटने) की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है। राज्य में केवल जून 2025 में ही 4,205 लोगों को सांप ने काटा, यानी हर दिन औसतन 125 लोग सर्पदंश की चपेट में आ रहे हैं। यह खुलासा 108 एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा जारी एक हालिया रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में जनवरी 2024 से लेकर जून 2025 तक की घटनाओं का विस्तृत आंकलन प्रस्तुत किया गया है।

In Madhya Pradesh, 4,205 people were bitten by snakes in June 2025 alone
In Madhya Pradesh, 4,205 people were bitten by snakes in June 2025 alone

यहां 108 एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी के द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, सागर जिले में सबसे अधिक 311 और रीवा में 223 सर्पदंश के मामले दर्ज किए गए। इनके अलावा बैतूल (144), छिंदवाड़ा (151), दमोह (163), ग्वालियर (146), कटनी (179), सतना (111), सीधी (102), टीकमगढ़ (128), और विदिशा (113) जैसे जिलों में भी सर्पदंश की घटनाएं बड़ी संख्या में दर्ज की गई हैं।
2024 में 11,302 सर्पदंश के मामले snake bite in madhya pradesh

108 एंबुलेंस की रिपोर्ट की मानें तो वर्ष 2024 में कुल 11,302 सर्पदंश के मामले सामने आए। इनमें सर्वाधिक मामले बारिश के महीनों जून से अक्टूबर के बीच में दर्ज हुए। जून में 1,198, जुलाई में 1,617, अगस्त में 1,195, सितंबर में 1,152 और अक्टूबर में 1,101 घटनाएं रिपोर्ट की गईं। सर्पदंश के मामले में सकारात्मक संकेत यह है कि जून 2025 में सर्पदंश की घटनाओं में पिछले वर्ष की तुलना में 49 मामलों की कमी दर्ज की गई है।

राज्य में मौजूद 40 प्रकार के सांप

जानकारी अनुसार मध्य प्रदेश में सांपों की करीब 40 प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें कोबरा, करैत और रसेल वाइपर सबसे ज्यादा जहरीले माने जाते हैं। इसके अलावा रैट स्नेक, सैंड बोआ, वॉटर स्नेक, पायथन और रेसर जैसे अपेक्षाकृत कम खतरनाक सांप भी मिलते हैं। राज्य में मानसून के दौरान खेत, घरों के आसपास और जंगल से लगे इलाकों में सांपों की सक्रियता बढ़ जाती है।

रिपोर्ट के अनुसार, 108 एंबुलेंस की त्वरित सेवा से हजारों लोगों को समय रहते अस्पतालों तक पहुंचाया गया, जिससे कई जिंदगियों को बचाया जा सका। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण और अर्द्धशहरी इलाकों में जनजागरूकता अभियान तेज करने और अस्पतालों में पर्याप्त एंटी-स्नेक वेनम स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं। सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने, झाड़ियों और अंधेरी जगहों में सावधानी से जाने और हादसा होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी है।

source – ems