डीडीयू-जीकेवाई 2.0 एवं आर-सेटी 2.0 की वार्षिक कार्य योजना-2025 पर  क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित

Regional workshop organized on Annual Action Plan-2025 of DDU-GKY 2.0 and R-SETI 2.0
Regional workshop organized on Annual Action Plan-2025 of DDU-GKY 2.0 and R-SETI 2.0

इंदौर    मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (MP-DAY-SRLM) द्वारा भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) 2.0 और ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) 2.0 की वार्षिक कार्य योजना-2025 तैयार करने एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन की भावी रूपरेखा पर चर्चा हेतु क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन इंदौर के होटल मेरियट में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती हर्षिका सिंह IAS की अध्यक्षता में हुआ।

इस कार्यशाला में ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महाराष्ट्र, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात तथा पश्चिम बंगाल सहित आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों एवं राज्य कौशल विकास मिशन के प्रतिनिधियों के साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत इंदौर श्री सिद्धार्थ जैन, IAS ने प्रतिभाग किया ।

कार्यशाला के दौरान डीडीयू-जीकेवाई और आर-सेटी योजनाओं की मध्य प्रदेश में सफलता पर प्रकाश डालते हुए श्रीमती हर्षिका सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश में 1 लाख से अधिक युवाओं को डीडीयू-जीकेवाई के अंतर्गत प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें 30% अनुसूचित जाति, 32% अनुसूचित जनजाति एवं कुल प्रशिक्षित उम्मीदवारों में 52% महिलाएँ शामिल हैं। साथ ही राज्य के 52 आर-सेटी संस्थानों द्वारा 4 लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया हैं, जिसमें 23% अनुसूचित जाति, 25% अनुसूचित जनजाति वर्ग के हैं और 70% से अधिक उम्मीदवार स्व-रोजगार से जुड़े हैं। उन्होंने उद्योग-संरेखित कौशल विकास एवं आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति MP-DAYSRLM की प्रतिबद्धता को दोहराया।

इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रतिनिधि श्री विनय पांडे एवं राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के उपमहानिदेशक श्री संजय पांडे ने इन योजनाओं के विकास एवं उनके दूसरे चरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने डिजिटल मॉनिटरिंग, एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) पोर्टल के माध्यम से सत्यापन और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया।

कार्यशाला के दौरान डीडीयू-जीकेवाई की 10 वर्षों की यात्रा को प्रदर्शित करने वाली पत्रिका “THE WHITE PURPLE JERSEY” तथा ग्रामीण उद्यमिता विकास की भावना को दर्शाने वाली आरएसईटीआई पत्रिका “Rural Rising – Capturing the Spirit of Rural Enterprise Development” का विमोचन किया गया।

कार्यशाला में शून्य-अपशिष्ट (Zero Waste) दृष्टिकोण अपनाया गया, जिससे सतत विकास को बढ़ावा दिया गया। कार्यशाला के दौरान ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा चरण 2 के  दिशा-निर्देशों एवं मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) पर विस्तार से चर्चा की गयी। वहीं, दूसरे दिन राज्यों द्वारा अपनी वार्षिक कार्य योजना-2025 प्रस्तुत की जाएगी, जिससे ग्रामीण युवाओं को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए व्यावहारिक लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे।

source – mpinfo