विलुप्त होती संस्कृति क़ो सहेजने का कार्य कर रही पोरवाल महिला महासभा
सँझा प्रतियोगिता के द्वारा नई पीढ़ी को संस्कृति व सभ्यता से जोड़ा जा रहा

नाहरगढ़:- विलुप्त होती संस्कृति क़ो सहेजने व नई पीढ़ी क़ो अपनी सनातन सभ्यता और उसके रीती रिवाजो से जोड़ने के लिए अखिल भारतीय पोरवाल महिला महासभा (मध्यप्रदेश इकाई ) द्वारा प्रतियोगिता के माध्यम से प्रयास किया जा रहा है!
अखिल भारतीय पोरवाल महिला महासभा (मध्यप्रदेश इकाई) की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मुजावदिया मंदसौर, प्रदेश महामंत्री श्रीमती गायत्री डपकरा गरोठ व प्रदेश कोषाध्यक्ष श्रीमती ललिता गुप्ता नाहरगढ़ ने बताया की नवाचार के क्रम में पोरवाल महिला महासभा द्वारा भारतीय संस्कृति के रीती रिवाजो, त्योहारों,पर्व,सनातन, सभ्यता के तोर तरीको क़ो पुर्नजीवित करने व नयी पीढ़ी क़ो इससे जोड़ने के लिए सँझा प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, इसमें प्रतियोगिताओ की नियमावली तय की गईं इसमें भाग लेने का माध्यम ऑनलाइन रखा गया एवं प्रतियोगिताओ में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय व तृतीय विजेता प्रतिभागियों क़ो प्रायोजको के माध्यम से पुरुस्कृत किया जावेगा, प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोजेक्ट चेयरमेन बनाये गए है!
सँझा प्रतियोगिता की नियमावली में सँझा दिवार या एमडीएफ बोर्ड पर बनाने,सँझा की आकृति पारम्परिक होने,सँझा गोबर से बनाने,सँझा बनाने में आकृति अंकन,श्रंगार सामग्री का विशेष ध्यान रखकर सँझा बनाने का एक मिनिट का वीडियो प्रतियोगिता के लिए बनाये गए प्रोजेक्ट चेयरमेन श्रीमती गुंजन रत्नावत मल्हारगढ़ व श्रीमती किरण मांदलिया क़यामपुर को भेजना तय किया गया है!
प्रतियोगिता के प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय विजेता को पुरुस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रतियोगिता के प्रायोजक श्रीमती मयूरी निरंजन धनोतिया जावरा के सौजन्य से पोरवाल महिला महासभा के आगामी आयोजन मे आमंत्रित क़र सम्मानित किया जाएगा!
