जेल लीगल एड क्लीनिक का उद्घाटन

फांसी घर, बर्तन निर्माण कारखाना एवं हैंडलूम इकाई का भी किया निरीक्षण

Jail Legal Aid Clinic inaugurated
Jail Legal Aid Clinic inaugurated

इंदौर 
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के प्रशासनिक न्यायाधिपति न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला द्वारा केंद्रीय जेल परिसर इंदौर में नव निर्मित 18 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्षों एवं जेल लीगल एड क्लीनिक का उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्री शुक्ला ने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा के शुभारंभ से बंदियों की न्यायालयीन पेशी, विधिक परामर्श तथा अन्य न्यायिक कार्यवाहियां अब अधिक सुगम, सुरक्षित एवं प्रभावी रूप से संपन्न हो सकेंगी, जिससे समय एवं संसाधनों की भी बचत सुनिश्चित होगी।
निरीक्षण के क्रम में न्यायमूर्ति द्वारा जेल परिसर में स्थित फांसी घर का भी अवलोकन किया गया। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 1996 में यहां एक कैदी को फांसी दी गई थी, जिसके उपरांत अब तक किसी भी कैदी को फांसी नहीं दी गई है।
न्यायमूर्ति शुक्ला द्वारा जेल में संचालित बर्तन निर्माण कारखाना एवं हैंडलूम (दरी बुनाई) इकाई का भी निरीक्षण किया गया, जहां कैदियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर विभिन्न उत्पादों का निर्माण कराया जा रहा है।
इसके उपरांत केंद्रीय जेल परिसर में पुरस्कार वितरण समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खेल एवं अन्य गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले बंदियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही जेल अधिकारियों एवं बंदियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं गीतों का गायन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान जेल अधिकारियों के आग्रह पर श्रीमती चंद्रिका शुक्ला एवं महानिदेशक जेल श्री वरुण कपूर द्वारा भी गीतों का गायन किया गया।
कार्यक्रम में बंदियों को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति श्री विजय कुमार शुक्ला ने कहा कि जेल की अवधारणा केवल दंड देने तक सीमित नहीं है, बल्कि बंदियों को सुधारात्मक प्रक्रिया से जोड़ते हुए उनके कौशल का उन्नयन कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित करना ही इसका प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में किए जा रहे प्रयास बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए सुधारात्मक गतिविधियों, कौशल विकास एवं पुनर्वास कार्यक्रमों की सराहना की तथा बंदियों की सुविधाओं एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवा श्री वरुण कपूर ने बंदियों की समस्याओं के निराकरण तथा जेल परिसर की सुरक्षा के लिए जेल विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों एवं उपलब्धियों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर प्रशासनिक न्यायाधिपति मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर श्री विजय कुमार शुक्ला सहित श्रीमती चंद्रिका शुक्ला, महानिदेशक जेल श्री वरुण कपूर एवं डॉ. श्रीमती सौम्या कपूर, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, इंदौर श्री अजय श्रीवास्तव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) श्री नीरज मालवीय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, इंदौर श्री शशांक सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, इंदौर श्री शिवराज सिंह गवली, जिला रजिस्ट्रार जिला न्यायालय इंदौर श्री मृणाल मोहित, नगर निगम मजिस्ट्रेट इंदौर श्री मुकेश गुप्ता, जेल अधीक्षक केंद्रीय जेल इंदौर श्रीमती अलका सोनकर, जिला विधिक सहायता अधिकारी उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति इंदौर श्री दीपक शर्मा, वरिष्ठ जेल उपाधीक्षक श्री संतोष लाड़िया, श्री आई.एस. नागर, जिला जेल अधीक्षक श्री जवाहर मंडलोई, श्री राकेश उपाध्याय, जेल के अधिकारी-कर्मचारी एवं बंदी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन जेलर श्री राकेश उपाध्याय द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन जेल अधीक्षक केंद्रीय जेल इंदौर श्रीमती अलका सोनकर द्वारा किया गया।

source – mpinfo