सम्राट विक्रमादित्य के योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

It is necessary to introduce the new generation to the contribution of Emperor Vikramaditya: Chief Minister Dr. Yadav
It is necessary to introduce the new generation to the contribution of Emperor Vikramaditya: Chief Minister Dr. Yadav

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य के साहस और सृजन ने शौर्य और संगठन के नए प्रतिमान स्थापित करते हुए भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित विक्रमोत्सव में उनके व्यक्तित्व के सभी आयामों का प्रभावी प्रकटीकरण सुनिश्चित किया जाए। नई पीढ़ी को सम्राट विक्रमादित्य के योगदान से परिचित कराना, भारतीय ज्ञान और सांस्कृतिक परंपरा की निरंतरता के लिए आवश्यक है।

विक्रमोत्सव देश-प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक चेतना का प्रभावशाली प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि आयोजन पूर्ण भव्यता, सुव्यवस्था और सांस्कृतिक गरिमा के उच्चतम मानकों के अनुरूप हो। उन्होंने उज्जैन में होने वाले विक्रमोत्सव-2026 की तैयारियों के संबंध में समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन की समग्र रूपरेखा, व्यवस्थाओं एवं विभागीय समन्वय की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन प्रदेश तथा अन्य राज्यों के प्रमुख नगरों में भी किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल-कालेजों में सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उज्जैन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत हो रहे विक्रमोत्सव में कृषि पर केंद्रित प्रदर्शनी तथा अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएं। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, नरवाई के प्रबंधन, दुग्ध उत्पादक स्वस्थ पशुओं की प्रतियोगिता और उद्यानिकी को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित गतिविधियों को शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि सम्राट विक्रामादित्य के वैज्ञानिक पक्ष पर केंद्रित आयोजनों में विज्ञान महाविद्यालय, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों को भी जोड़ा जाए। सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण में भारत सरकार की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उसे भव्य और राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाए।

बैठक में विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत उज्जैन में होने वाली गतिविधियों की निम्नानुसार जानकारी दी गई-

15 फरवरी,2026- अनादि देव शिव की कलाओं का शिवार्चन, म.प्र. के सभी शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ, कलश यात्रा, विक्रमोत्सव-2026 का शुभारंभ, शिवोSहम- प्रीतम एवं बैंड की प्रस्तुति, शिवनाद।

प्रदर्शनियां- विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, अस्त्र-शस्त्र, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक के संयोजन पर प्रदर्शनी।

विक्रम व्यापार मेला।

16 फरवरी से 20 फरवरी – शिव पुराण।

16 से 25 फरवरी- विक्रम नाट्य समारोह के अंतर्गत राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की नाट्य प्रस्तुतियाँ।

26 से 28 फरवरी- अंतर्राष्ट्रीय इतिहास समागम, पुतुल समारोह, अंतराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी।

28 फरवरी से एक मार्च- विक्रमादित्य का न्याय पर वैचारिक समागम।

2 मार्च – अखिल भारतीय कवि सम्मेलन।

7 मार्च – लोकरंजन- विभिन्न बोलियों में सम्राट विक्रमादित्य पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन।

10 – 12 मार्च – संगीत के उद्भव और विकास पर अनहद वैचारिक समागम।

13 – 14 मार्च – अंतर्राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी।

13 – 17 मार्च – पौराणिक फिल्मों के अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव में 20 से अधिक देशों की फिल्मों का प्रदर्शन।

17- 18 मार्च – भारतीय विज्ञान शोध संगोष्ठी।

18 मार्च – वेद अंताक्षरी।

19 मार्च – गुड़ी पड़वा पर रामघाट दत्त अखाड़ा पर सूर्योपासना।

इसके साथ ही 19 मार्च वर्ष प्रतिपदा, सृष्टि आरंभ दिवस को उज्जयिनी गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य कार्यक्रम शिप्रा नदी के तट पर होगा, जिसके अंतर्गत सम्राट विक्रमादितय अलंकरण और विक्रम पंचांग 2082-83 व आर्ष भारत द्वितीय संस्करण के लोकार्पण के साथ ही महादेव की नदी कथा-नृत्य नाट्य की प्रस्तुति होगी। सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक सोनू निगम सांगितिक प्रस्तुति देंगे। इस अवसर पर भव्य आतिशबाजी भी की जाएगी। गुड़ी पड़वा पर प्रदेश के सभी जिलों में विक्रमोत्सव का आयोजन होगा।

समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय तथा प्रबंध संचालक म.प्र. पर्यटन विकास निगम डॉ. इलैया राजा टी, आयुक्त जनसम्पर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उज्जैन के जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी भी शामिल हुए।

source – mpinfo