आकाशवाणी इंदौर द्वारा “लोकरंग उत्सव” का ऐतिहासिक एवं भव्य आयोजन संपन्न
1987 के बाद पहली बार इतने विराट स्वरूप में सजी लोकसंस्कृति की रंगारंग संध्या

इंदौर भारत के लोक सेवा प्रसारक प्रसार भारती के अंतर्गत आकाशवाणी इंदौर द्वारा विक्रमोत्सव 2026 के अवसर पर, वीर भारत न्यास के सहयोग से आयोजित “लोकरंग उत्सव” का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन आकाशवाणी परिसर, मालवा हाउस इंदौर में मंगलवार को अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1987 के बाद यह पहला अवसर रहा जब आकाशवाणी इंदौर में इतने विशाल स्तर पर लोकसंस्कृति का विराट आयोजन देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दीप प्रज्वलन द्वारा किया गया। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम प्रमुख राजेश पाठक एवं अभियांत्रिकी प्रमुख अभय कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। मालवी परंपरा के अनुरूप अतिथियों को साफा बांधकर, शाल एवं श्रीफल भेंट कर तथा प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे सम्पूर्ण वातावरण लोक संस्कृति की गरिमा से ओतप्रोत हो उठा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि राजेश सिंह कुशवाह श्रीयुत श्रीराम तिवारी विशिष्ट अतिथि नरेश शर्मा और दिनेश दिग्गज ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में लोकसंस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया। श्री तिवारी ने कहा कि आकाशवाणी जैसे मंचों के माध्यम से लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिलती है और यह आयोजन उसी दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
श्री कुशवाह ने कहा कि “लोककला हमारी पहचान है, यह हमारी जड़ों से जुड़ने का माध्यम है, और ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं।

“लोकरंग उत्सव” का मंच मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड एवं जनजातीय अंचलों की विविध एवं समृद्ध लोकपरंपराओं से सुसज्जित रहा। प्रस्तुतियों की श्रृंखला ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा और कार्यक्रम रात्रि 11 बजे तक उत्साहपूर्वक चलता रहा, जहां श्रोताओं ने न केवल आनंद लिया बल्कि कई अवसरों पर स्वयं भी लोकधुनों पर झूमते एवं नृत्य करते नजर आए।
मंच पर प्रस्तुत प्रमुख आकर्षण रहे
1. मालवी लोकगीत एवं नृत्य – हरिहरेश्वर पोद्दार एवं उनके साथियों द्वारा प्रस्तुत, जिसमें पारंपरिक मालवी लय और उल्लास ने वातावरण को जीवंत कर दिया।
2. निमाड़ी लोकगीत एवं नृत्य – पूर्णिमा चतुर्वेदी एवं मंडली द्वारा प्रस्तुत, जिसकी मधुरता और ताल ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
3. बुंदेलखंडी लोकगीत एवं नृत्य – रामप्रसाद अहिरवार एवं साथियों द्वारा प्रस्तुत वीरता और उल्लास से परिपूर्ण प्रस्तुति।
4. गोंडी लोकगीत एवं नृत्य – बलिराम धुर्वे एवं दल द्वारा प्रस्तुत जनजातीय संस्कृति की अनूठी झलक।
विशेष आकर्षण के रूप में प्रस्तुत हैंगर गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया और पूरे सभागार में उत्साह का अद्भुत वातावरण निर्मित कर दिया। विशेष रूप से गोंडी नृत्य एवं निमाड़ी लोकनृत्य ने दर्शकों को सबसे अधिक आनंदित किया, जहां सभागार तालियों की गूंज से गूंज उठा और कई दर्शक स्वयं को थिरकने से रोक नहीं पाए।
इन सभी प्रस्तुतियों ने लोकसंगीत और लोकनृत्य की जीवंतता को दर्शाते हुए सम्पूर्ण वातावरण को उत्सवमय बना दिया। कलाकारों की ऊर्जा, पारंपरिक वेशभूषा और सुर-ताल के अद्भुत समन्वय ने कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आकाशवाणी इंदौर की संपूर्ण टीम का विशेष योगदान रहा। इस आयोजन में शहर के गणमान्य नागरिक, कला प्रेमी, श्रोता एवं बड़ी संख्या में दर्शकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस भव्य आयोजन के संयोजन का दायित्व श्री राजेश द्वारा, निर्देशन श्री संजीव कुमार मालवीय तथा तकनीकी निर्देशन श्री अभय कुमार गुप्ता द्वारा सफलतापूर्वक निभाया गया। कार्यक्रम का प्रभावशाली मंच संचालन राहुल एवं रूपाली द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को सजीव एवं आकर्षक बनाए रखा। साथ ही कार्यक्रम कंट्रोलर के रूप में कार्यक्रम अधिकारी श्री राहुल पँवार एवं श्री असीम कैथवास की मेहती भूमिका ने आयोजन को सफलता के शिखर तक पहुंचाया।
“लोकरंग उत्सव” का यह भव्य आयोजन न केवल दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय सांस्कृतिक अनुभव रहा, बल्कि भारतीय लोककला की विविधता, जीवंतता और समृद्ध परंपरा का प्रभावशाली प्रदर्शन भी सिद्ध हुआ। इस मनमोहक कार्यक्रम का प्रसारण 18 मार्च को आकाशवाणी इंदौर के विविध भारती चैनल पर प्रातः 10 बजे तथा प्राइमरी चैनल पर सायं 5 बजे से किया गया, जिससे अधिक से अधिक श्रोता इस सांस्कृतिक उत्सव का आनंद ले सकें।
Source – mpinfo
