सूर्पनखा दहन के आयोजन पर हाइकोर्ट द्वारा रोक!

संस्था पौरूष के सदस्यों ने पुलिस कमिश्नर से मिलने के बाद उनसे तीन विकल्पों पर पुतला दहन की अनुमति मांगी

High Court bans Surpanakha Dahan ceremony!
High Court bans Surpanakha Dahan ceremony!

इन्दौर  दशहरे पर इस बार किए जाने वाले सूर्पनखा दहन के आयोजन पर हाइकोर्ट द्वारा रोक लगाने के बाद सूर्पनखा दहन आयोजन करने वाली संस्था पौरूष के सदस्यों ने पुलिस कमिश्नर से मिलने के बाद उनसे तीन विकल्पों पर पुतला दहन की अनुमति मांगी। संस्था पौरूष के सदस्यों अनुसार ये तीन विकल्प है

1 – बिना चेहरे का पुतला दहन करने की अनुमति
2 – पौराणिक आख्यानों में वर्णित पूतना, सुरसा, सिंहनी, तड़का के चेहरे के साथ दहन कि अनुमति या फिर
3 – ए.आई. जनरेटेड काल्पनिक चेहरे के साथ पुतले दहन की अनुमति।

संस्था पौरूष के सदस्यों ने इस अनुमति आवेदन की कॉपी डीसीपी ज़ोन 2, एसीपी ख़जराना और थाना प्रभारी खजराना इन्दौर को भी दी है। इनमें से जिस विकल्प की अनुमति प्राप्त होंगी, तदनुसार पुतला दहन होगा। संस्था पौरूष के सदस्यों ने बताया कि दहन के प्रोग्राम में देश भक्ति गीत, राम सीत हनुमान जी के भजन और गीत तथा मोटिवेशनल सॉन्ग्स भी बजाए जायेंगे। उन्हें उम्मीद है कि इन सभी विकल्पों में से कोई एक पर अनुमति प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी अनुमति प्राप्त नहीं होती है तो प्रोग्राम स्थल पर राम घुन, राम, सीता, हनुमान जी के भजन और गीत तथा मोटिवेशनल सॉन्ग्स बजाकर कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा।

ज्ञात हो कि हाइकोर्ट की इन्दौर बेंच ने विजयादशमी के मौके पर संस्था पौरूष द्वारा होने वाले शूर्पणखा के पुतला दहन के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते सूर्पनखा दहन पर रोक लगा दी थी। संस्था पौरुष द्वारा इस बार दशहरे पर सोनम रघुवंशी समेत ऐसी महिलाओं के पुतले जलाने की तैयारी की थी जो पति, बच्चे और परिवार की हत्या या हत्या की साजिश की आरोपी हैं। याचिका राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम की मां संगीता रघुवंशी ने दायर की थी।

source – ems