अभिनंदनीय भावांजलि

सुखद संयोग है कि दो लोगों की जिंदगी का अंधेरा जा रहा है..
धन्य है उस इंसान का जीवन जो मरकर भी मानवता के काम आ रहा है..🙏🏻
ब्रम्हलीन पुण्यात्मा
“नेत्रदानी श्री कैलाशचंद्रजी पोरवाल”
अपनी देह छोड़कर भी अपने सद्कर्म के प्रकाश का उजाला दो लोगों की आंखों की रोशनी में छोड़ गये…
उनके नेत्र की ज्योति से अब दो दृष्टिहीन व्यक्ति दुनिया देख सकेंगे..।
प्रभुलीन पुण्यात्मा को ईश्वर अपने अनंत ब्रम्हांड में आलौकिक रखे…🙏🏻
पिंकेशजी, निलेशजी पोरवाल, एवं अनोखीजी पोरवाल परिवार मालवा मिल, इंदौर व नेत्रदान के पुण्य सद्कर्म में समर्पित सभी स्वजनों का आत्मीय अभिनंदन आभार
भाव अभिव्यक्ति ✍🏻 शैलेन्द्र पोरवाल
