अक्षय तृतीया की अक्षय भीड़ के बीच गणाचार्य विराग सागर जी के पट्ट पर पट्टाचार्य के रूप में प्रतिष्ठित हुए आचार्य विशुद्ध‌सागरजी

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श्रावक श्रेष्ठ महोत्सव पुण्यार्जक सपना-मनीष गोधा को मिली आचार्यश्री की पिच्छी ।

सबने मिलकर बैठाया है, सबको मिलकर चलाना है आचार्य विशुद्धसागर

सुमति धाम से राजेन्द्र जैन महावीर सनावद द्वारा आंखों देखा हाल

इन्दौर /इन्दौर नगर के इतिहास में 30 अप्रैल 2025 अक्षय तृतीया अक्षय रूप से दर्ज हो गई। समाधि सम्राट, बुन्देलखण्ड के प्रथमाचार्य, गणाचार्य विराग‌सागर जी महाराज के अंतिम आदेश से इस युग के अध्यात्म योगी, शताब्दी देशनाकार, श्रमणाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज सुमति धाम, गोधा एस्टेट इन्दौर में प्रातः 8.30 बजे संघ के पट्टचार्य के रूप में विराजमान हुए। सुमति धाम देशना मण्डप में व मंडप के बाहर परिसर में लाखों श्रद्धालुओं ने पट्टाचार्य विशुद्धसागर के जयकारों से आकाश गुंजायमान कर दिया। सम्पूर्ण विधि-विधान, मंत्रोच्चार, गायन, वादन, शंख ध्वनि, राजशाही देशना मण्डप में एक दिगम्बर आचार्य अपने गुरु के पट्ट को सुशोभित कर रहे थे, जब सम्पूर्ण विश्व के साथ 12 दिगम्बर आचार्य, 8 उपाध्याय 140 दिगम्बर मुनि १ गणिनी आर्यिका, 123 आर्यिका माताजी, 105 ऐलक, क्षुल्लक , क्षुल्लिका, ब्रहमचारी भैया-बहनें, विद्वत वर्ग इस महा महोत्सव, महाकुंभ श्रमण परम्परा के साक्षी बने।

सपना-मनीष गोधा के पुण्य की सर्वत्र चर्चा पट्टाचार्य महामहोत्सव महाकुंभ के आयोजक सुमति धाम गुरु भक्त परिवार के शिरोमणि संरक्षक सपना-मनीष गोधा द्वारा किये गए आयोजन की सम्पूर्ण इन्दौर व विश्व के जैन समाज में चर्चा हो रही है।400 संतों का भरपूर आशीर्वाद और लाखों समाजजनों की शुभकामनाओं के साथ सब एक ही बात कर रहे है, सपना-मनीष गोधा ने गजब कर दिया। अनेक जन्मों के पुण्य के संचय से यह महान अवसर मिलता है। पट्टाचार्य पद पर विराजित होने के बाद विशुद्ध सागर जी महाराज ने मनीष-सपना गोधा परिवार को अपनी मयूर पिच्छी भेंटकर उनके पुण्य को अतिशय कर दिया। मनीष-सपना गोधा परिवार ने पिच्छी को लेकर नृत्य किये, सम्पूर्ण जन समुदाय ने ताली बजाकर मनीष-सपना गोधा को शुभकामना दी। sumtidham indore


अपने जीवन में ऐसा अद्‌भुद आयोजन पहली बार देखा कैलाश विजयवर्गीय
मध्यप्रदेश शासन के केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मनीष- सपना गोधा ने अद्‌भुद कार्य किया है, मेरे पचास वर्ष के राजनीतिक जीवन में ऐसा आयोजन नहीं देखा। यह उनकी माँ के संस्कार ही है , जिनके बच्चे इतना बड़ा कार्य करते हो। पट्टभिषेक आयोजन के सन्दर्भ में श्री विजयवर्गीय ने कहा कि आज देवी अहिल्या की नगरी धन्य हो गई, इंदौर गौरवान्वित हो गया।

विराग भगवन को शत बार नमन

मंगल गायन ब्रह‌मचारिणी बहनों द्वारा किये गए। सुमधुर मंगलाचरण मुनि श्री यशोधर सागर द्वारा किये गए मंगलाचरण से प्रारंभ पट्टाचार्य महोत्सव में गोधा परिवार के बेटियों द्वारा पट्ट शुद्धि की गई। प्रतिष्ठाचार्य धर्मचंद शास्त्री, प .चन्द्रकांत जी इण्डी, प .नितिन झांझरी के मंत्रोच्चार के बीच तमिलनाडू, कर्नाटक महाराष्ट्र के दिगम्बर जैन मठ से आए भट्‌टारक स्वामीजी ने पट्ट शुद्धि की । दीप प्रज्ज्वलन आखिल भारतीय शास्त्री परिषद अध्यक्ष पं. श्रेयांस जैन व पथरिया, रूर, आदि अनेक स्थानों से आए गुरु भक्तों ने किया। परम्परा के पूर्वाचार्य श्री आदि सागर जी अंकलीकर ,श्री महावीर कीर्तिजी, श्री विमल सागरजी, श्री सन्मति सागरजी, श्री विरागसागर जी को अर्ध समर्पित किये गए। sumtidham 

गणाचार्य जी के अंतिम विडियो सन्देश का हुआ प्रसारण गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज जिनकी समाथि 4 जुलाई 2024 को हुई थी, उन्होंने अपनी मृत्यु निकट जानकर 3 जुलाई 2024 को एक विडियो संदेश रिकार्ड कराकर अपना पद आचार्य विशुद्ध सागर जी को देने का आदेश दिया था, उस विडियो का प्रसारण जब हुआ तो जन समुदाय के साथ आचार्य विशुद्धसागर जी की आंखों से आंसूओं का झरना बह निकला गुरु के प्रति भक्ति व स्नेह के इस दृश्य ने सबको मार्मिक बना दिया। आचार्यश्री पुष्पदंत सागर जी महाराज ने गणाचार्य के अंतिम संदेश का वाचन भी किया। मूल संघ के गणधर मुनिविवर्धनसागर जी महाराज ने गणाचार्य विराग सागरजी की समाधि का जीवन्त दृश्य उपस्थित कराया। प्रवर्तक मुनि श्री विश्वनायक जी ने समाधि को श्रमण संस्कृति का अनुपम उदाहरण बताया, पट्टाचार्य पद का अनुमोदन भी किया।

सपना – मनीष गोधा ने नवीन सिहांसन पट्ट पर चौक पूरा, सभी भट्टारक जी ने चंवर से भक्ति की सम्पूर्ण देश में विराजित आचार्यो, मुनिराजों ने आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के लिए अपनी शुभकाम‌नाएँ, प्रशस्ति पत्र, पिच्छी, अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से पहुॅचा कर अपना अनुमोदन किया।

पट्‌टाचार्य विशुद्ध सागरजी का पाद प्रक्षालन समस्त आचार्यो, मुनिराजों, आर्यिका जी ने किया पट्ट पर विराजित पट्‌टाचार्य विशुद्धसागर जी महाराज का आशीर्वाद लेने की होड़ लग गई। सभी ने उनके पाद प्रक्षालन किये, शास्त्र भेंट किये। इस अवसर पर उनके गृहस्थ अवस्था के परिजन सुरेंद्र -विजय जैन रूर भिण्ड से सम्मिलित हुए। आचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज ने अपनी ओर से प्रशस्ति भेंट की। केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय आशा विजयवर्गीय ने अपने जन्म दिन पर आशीर्वाद ग्रहण किया। गणाचार्य विरागसागर जी महाराज जिस सिहांसन पर बैठते थे उस सिहांसन पर पट्टाचार्यश्री विशुद्ध सागर जी महाराज को ठीक 10 बजकर 20 मिनिट पर बिठाया गया।

गुरु आशीष, अभ्यास, विधि कभी नहीं छोड़े, आचार्य विशुद्ध‌सागर पट्टाचार्य पद से विभूषित होने के बाद श्री विशुद्ध‌सागर महाराज ने कहा कि सबने मिलकर बिठाया है, सबको मिलकर चलाना है ।जिस प्रकार पानी की बूंद बीज पर गिरती है तो मिट्टी से अंकुरण होता है, गुरू आशीष की बूंद से वैराग्य का बीज प्रस्फुटित होता है। जीवन में गुरु आशीष, विधि, अभ्यास कभी नहीं छोड़‌ना चाहिये। समस्त आचार्यो, पूर्वाचार्यो के नामोल्लेख कर उन्होंने कहा कि सभी मुनि पूज्य है, तीन कम नौ करोड़ मुनिराजों को मैं नमस्कार करता हूँ। मेरा मन है कि आज यहाँ 400 पिच्छी एकत्रित है कभी 1600 पिछी एक साथ आ जाए।

सिद्धवरकूट नर्मदा रेवा तट, उज्जैन क्षिप्रा तट के बीच बसा इंदौर महातीर्थ है ।आज उत्तर-दक्षिण एक दिख रहा है। यह सम्पूर्ण विश्व एक हो ऐसी मेरी इच्छा है ।सुमतिनाथ भगवान ने एक वर्ष में ही 400 पिच्छाधारी संतों को यहाँ बुला लिया, यह गगन चुम्बी जिनालय अद्‌भुद है। पट्टाचार्य महोत्सव का संचालन आचार्य श्री विनम्र सागर जी व मुनिश्री सुव्रत सागर जी महाराज ने किया। अनेक ग्रंथों का विमोचन किया गया। अद्भुत व्यवस्थाओं ,अनुपम भक्ति, अपार जन समुदाय के बीच सपना मनीष गोधा , सुमति धाम गुरु भक्त परिवार ने आयोजन को जो ऊंचाईया प्रदान की वो भूतो न भविष्यति रही।