Health: गर्दन दर्द की शिकायत तेजी से सामने आ रही

neck pain
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आजकल 25 से 30 वर्ष की उम्र के युवाओं में भी गर्दन दर्द की शिकायत तेजी से सामने आ रही है। इस डिजिटल दौर में गर्दन में दर्द की समस्या अब केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रह गई है। लंबे समय तक मोबाइल चलाना, लैपटॉप पर झुककर काम करना और लगातार एक ही मुद्रा में बैठे रहना इसके प्रमुख कारणों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, गर्दन में होने वाले हर दर्द को सर्वाइकल कहना सही नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दर्द के साथ हाथों में झनझनाहट, सुन्नपन, कमजोरी या उंगलियों तक परेशानी महसूस हो तो इसे सामान्य दर्द मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जानकारों के मुताबिक गर्दन के दर्द का उम्र से सीधा संबंध नहीं है। पहले यह समस्या अधिक उम्र के लोगों में आम मानी जाती थी, लेकिन बदलती जीवनशैली के कारण युवाओं में भी यह परेशानी बढ़ रही है। मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल आज पढ़ाई, नौकरी और रोजमर्रा के काम का जरूरी हिस्सा बन गया है। समस्या इनके इस्तेमाल से ज्यादा लंबे समय तक गलत मुद्रा में रहने से होती है। मोबाइल देखते समय लगातार गर्दन नीचे झुकाए रखने और लैपटॉप पर आगे की ओर झुककर काम करने से गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल इस्तेमाल करते समय गर्दन को लंबे समय तक नीचे झुकाकर रखने से बचना चाहिए।
लैपटॉप पर काम करने के लिए उचित टेबल और कुर्सी का इस्तेमाल करना चाहिए। स्क्रीन आंखों के स्तर पर या उससे थोड़ी नीचे होनी चाहिए। बिस्तर पर बैठकर या लेटकर लैपटॉप चलाने से बचना बेहतर है। हर 30 से 45 मिनट के अंतराल पर कुछ देर उठकर चलना और गर्दन व कंधों की हल्की कसरत करना भी मददगार हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार हर गर्दन के दर्द को सर्वाइकल कहना उचित नहीं है। गर्दन की रीढ़, मांसपेशियों, जोड़ों, हड्डियों के बीच मौजूद डिस्क या नसों से जुड़ी अलग-अलग समस्याओं के कारण दर्द हो सकता है।
यदि गर्दन के दर्द के साथ हाथ सुन्न होने लगे, ताकत कम हो जाए या बोतल पकड़ने, ढक्कन खोलने जैसी सामान्य गतिविधियों में परेशानी आने लगे तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है। चलने के दौरान संतुलन बिगड़ना भी गंभीर संकेत हो सकता है। गर्दन के दर्द से बचाव के लिए लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और गर्दन-कंधों की मांसपेशियों को मजबूत रखना जरूरी है। कार्यस्थल पर कुर्सी में पर्याप्त सहारा, टेबल की उचित ऊंचाई और लैपटॉप की सही स्थिति सुनिश्चित करनी चाहिए।

Source – EMS