एआई मॉडल: खोपड़ी के एक्सरे से तलाशेगा लापता चेहरा

AI model: Skull X-rays to find missing face
AI model: Skull X-rays to find missing face

भारत में हर साल करीब 50 हजार शवों की पहचान नहीं हो पाती, जो पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस समस्या के समाधान के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ताओं ने एक नई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीक विकसित की है। यह तकनीक खोपड़ी के एक्सरे और चेहरे की तस्वीरों की तुलना कर संभावित पहचान वाले चेहरों की एक सूची तैयार कर सकती है। इससे अज्ञात शवों की पहचान के लिए जांच का दायरा सीमित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
इस शोध को स्पॉट फेस मॉडल नाम दिया गया है, जिसे आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के पीएचडी शोधार्थी रवि शंकर प्रसाद ने सहायक प्रोफेसर डॉ. दिनेश सिंह के मार्गदर्शन में किया है। शोध अगस्त 2023 में शुरू हुआ था और इसका प्रारंभिक संस्करण जनवरी 2026 में जारी किया गया। यह शोधपत्र अंतरराष्ट्रीय पैटर्न रिकग्निशन सम्मेलन (आईसीपीआर) 2026 की कार्यवाही में प्रकाशित हुआ है।
एआई मॉडल को खोपड़ी की एक्सरे और संबंधित चेहरे की तस्वीरों के उदाहरणों से प्रशिक्षित किया गया है। यह तस्वीरों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर उनके आकार, बनावट और आपसी संबंधों का विश्लेषण करता है। ग्राफ न्यूरल नेटवर्क, क्रॉस-अटेंशन और ऑप्टिमल ट्रांसपोर्ट जैसी विशेष प्रक्रियाओं का उपयोग कर यह खोपड़ी और चेहरे की तस्वीरों में समानताएं तलाशकर संभावित चेहरों को प्राथमिकता के क्रम में रखता है। आईआईटी मंडी के भारतीय खोपड़ी-चेहरा डेटासेट, जिसमें 102 जोड़ियां शामिल थीं, पर किए गए परीक्षण में मॉडल ने 50 प्रतिशत मामलों में सही चेहरे को पहली रैंक पर रखा, जबकि 72 प्रतिशत मामलों में सही चेहरा शीर्ष पांच संभावित विकल्पों में शामिल था। शोधकर्ताओं ने पाया कि खोपड़ी और चेहरे के बीच मिलान करना स्केच और चेहरे की तुलना से अधिक चुनौतीपूर्ण है। डॉ. दिनेश सिंह के अनुसार, भारत की विविधता को देखते हुए भारतीय लोगों की खोपड़ी और चेहरे से जुड़े बड़े डेटासेट तैयार करना महत्वपूर्ण है। वर्तमान में यह शोध के स्तर पर है और इसकी सटीकता में सुधार के साथ-साथ वास्तविक आपराधिक मामलों में इसकी उपयोगिता और विश्वसनीयता साबित करने के लिए आगे व्यापक परीक्षणों की आवश्यकता है।

Source – EMS