BIG NEWS: अब महू में भी दूषित पानी का कहर!

नर्मदा सप्लाई बंद, टैंकरों से होगी आपूर्ति

Contaminated water wreaks havoc in Mhow too... 24 hospitalized, 250 homes affected, 12 survey teams deployed amid water crisis
Contaminated water wreaks havoc in Mhow too… 24 hospitalized, 250 homes affected, 12 survey teams deployed amid water crisis

इंदौर/ महू   महू के चन्दर मार्ग क्षेत्र में दूषित पानी के कारण उपजे स्वास्थ्य संकट को देखते हुए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने गली-मोहल्लों का भ्रमण कर रहवासियों से सीधे संवाद किया और क्षेत्र में जल आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि प्रशासन हर प्रभावित परिवार की मदद के लिए मुस्तैद है।

भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब अरविंदो अस्पताल में 24 लोग भर्ती हैं। एक मरीज वेंटिलेटर पर है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, भर्ती मरीजों में से 8 दूसरी बीमारियों से भी पीडि़त हैं। भागीरथपुरा दूषित पानी कांड के मामले में क्षेत्र के 30 प्रतिशत हिस्से में रोज एक दिन छोडक़र पानी सप्लाई शुरू हो गया है। इसके साथ ही नियमित टेस्टिंग हो रही है। हालांकि, अभी रहवासियों का विश्वास कायम होने में समय लगेगा। अधिकांश रहवासी तो आरओ और टैंकर का पानी ही उपयोग कर रहे हैं। बाकी 70 प्रतिशत हिस्सों में जो पाइपलाइन का काम चल रहा है, वो इस माह पूरा हो जाने की उम्मीद है।

इस महीने पाइपलाइन का काम पूरा होगा
दरअसल, जहां काम शुरू हुआ उसमें 30 प्रतिशत हिस्सा वह है जहां दो साल पहले मुख्य पाइप लाइन डाली गई थी। इसमें लीकेज चेक करने के साथ एक दिन छोडक़र पानी सप्लाई शुरू हो गई है। क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला के मुताबिक बाकी 70 प्रतिशत हिस्से में नई मेन पाइप लाइन डालने का तेजी से चल रहा है। जनवरी अंत तक उसे पूरा कर लिया जाएगा।

क्षेत्र में रोज 50 से ज्यादा टैंकरों से पानी वितरण किया जा रहा है। कुछ हिस्सों में पाइपलाइन काम के चलते टैंकर गलियों के नजदीक तक पहुंचाए जा रहे हैं ताकि लोगों को कम दूरी तक आकर पानी भरना पड़े। उधर, इस मामले में अब तक 26 मौतें हो चुकी हैं, लेकिन पहले प्रशासन ने 4 मौतें, फिर 6 मौतें मानी थी। इसके बाद हाई कोर्ट में पेश रिपोर्ट में 21 मौतों में से 15 मौतें मानी। अभी अगली स्टेटस रिपोर्ट 27 जनवरी को पेश किया जाना है।

250 घर प्रभावित, सर्वे के लिए 12 टीमें तैनात

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, चन्दर मार्ग के लगभग 250 घर इस दूषित जल की समस्या से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 12 विशेष सर्वे टीमें गठित की हैं, जो घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर रही हैं। यह टीमें प्रभावित इलाकों का चिन्हांकन कर रही हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

दूषित पानी के सेवन से बीमार हुए लोगों में से वर्तमान में 10 लोग विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भर्ती मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही हैं। राहत की बात यह है कि अधिकांश मरीजों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने संक्रमण की जड़ तक पहुंचने के लिए तत्काल कड़े निर्देश जारी किए हैं। क्षेत्र में फिलहाल पाइपलाइन के जरिए होने वाली नर्मदा जल की सप्लाई को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है, ताकि दूषित पानी का प्रसार न हो। रहवासियों को पीने के साफ पानी की कमी न हो, इसके लिए क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जल स्रोतों और प्रभावित क्षेत्रों में सघन क्लोरिनेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। Contaminated water wreaks havoc in Mhow too

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पाइपलाइन में लीकेज या ड्रेनेज मिक्सिंग के पॉइंट का जल्द से जल्द पता लगाया जाए। जब तक जल पूरी तरह शुद्ध नहीं हो जाता, तब तक क्षेत्र में वैकल्पिक व्यवस्थाएं जारी रहेंगी।

source – ems