25 ग्रुप ने लगातार 24 घंटे से अधिक समय तक परफॉर्मेंस देकर बनाया रिकॉर्ड
यहां का मनुष्य चमके तो बुंदेला और पत्थर चमके तो हीरा और कला चमके तो खजुराहो की कला कहलाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

छतरपुर /खजुराहो- 51वाँ खजुराहो नृत्य समारोह का शुभारंभ डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। नृत्य समारोह का आयोजन खजुराहो में स्थित कंदरिया महादेव मंदिर एवं देवी जगदंबा मंदिर के मध्य मंदिर प्रांगण में शुरू हुआ। प्रथम दिवस में कथकली (इंटरनेशनल सेंटर फॉर कथकली, दिल्ली), मोहिनीअट्टम् )पल्लवी कृष्णन, केरल) और ओडिसी (कल्याणी वैदेही फगरे, मध्यप्रदेश) की शानदार प्रस्तुति दी गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिनम, अभिराम और सतत 24 घंटे से 139 कलाकारों और उनकी साधना को प्रणाम करते हुए कहा कि कथककली भगवान कृष्ण की नृत्य के माध्यम से कथा करने की विद्या है। उन्होंने कहा 1 हजार साल पुराना कंदरिया महोदेव उस काल के अंदर उच्च कोटि की शानदार विरासत है। उन्होंने कहा कला संस्कृति बुंदेलखण्ड का इलाका बकाई में अद्भुत है। किसी बात के लिए परमात्मा ने कोई कमी नही रखी है। उन्होंने कहा यहां का पत्थर भी चमके तो दुनिया उसको अपने पास रखती है। ये बुंदेलखण्ड की धरती है।

यहां मनुष्य चमते तो बुंदेला कहलाएं और पत्थर चमके तो हीरा कहलाएं और कला चमके तो खजुराहो की कला कहलाएं। इसको नित्य साधो तो अपना जीवन धन्य कर लेंगे। आज कला साधकों ने जो कला का 24 घंटे का क्रम बताया है। उन्होंने कहा सरकार का उत्तरादायित्व है अपनी संस्कृति के लिए काम करें। उन्होंने कहा दुर्लभ वाद्ययों के माध्यम से, कभी नृत्य की विद्या को लेकर, कभी ताल दरवार जैसे सारे कामों से कल्पनाशीलता और गतिशीलता दिखाई देती है। उन्होंने इस विशेष समारोह के लिए संस्कृति विभाग और सभी कलाकारों को बधाई देते हुए अपनी वाणी को विराम दिया। 51st Khajuraho Dance Festival
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