अक्टूबर में हर दिन 113 लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा
शहर में लगातार बढ़ रही संख्या, सुबह के समय लोग रहते हैं ज्यादा दहशत में

इन्दौर। शहर में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। एक आंकड़े के मुताबिक हर दिन 100 से अधिक लोगों को कुत्ते काट रहे हैं और अक्टूबर माह में हर दिन 113 लोग आवारा कुत्तों के शिकार हुए। पूरे माह में यह आंकड़ा 3300 से अधिक पहुंच गया। इधर नगर निगम बीते 10 साल से नसबंदी पर करोड़ों रूपये खर्च कर रहा है मगर कुत्तों की संख्या कम नहीं हो रही है। हैदराबाद और देवास के एनजीओ को दो माह पहले फिर ठेका दिया गया। एक कुत्ते पर 1125 रूपये खर्च किये जा रहे हैं। एक दिन में 35 कुत्तों की नसबंदी की बात अधिकारी कह रहे हैं।
सुबह के समय घूमने वाले, दूधवाले, सब्जीवाले, स्कूल जाने वाले बच्चे और अन्य काम से जाने आने वाले लोग आवारा कुत्तों से ज्यादा दहशत में रहते हैं। किसी भी चौराहे, सड़क, मैदान पर आवारा कुत्तों का जमघट लगा रहता है और लोग बचकर निकलने को मजबूर होते हैं। हर दिन लाल अस्पताल में कुत्तों से काटने वालों की संख्या बढ़ रही है। यहां जिलेभर से टीका लगवाने वाले पहुंचते हैं। एक आंकड़ा के मुताबिक अक्टूबर माह में हर दिन शहर में 113 लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा है। पूरे माह में 3300 से अधिक लोग आवारा कुत्तों का शिकार हुए हैं। शहर के अलावा गांवों में भी कुत्ते लोगों को शिकार बना रहे हैं मगर संख्या कम है। इधर नगर निगम कुत्तों की संख्या कम करने के उद्देश्य से नसबंदी कार्यक्रम चलाता है।
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पहली बार वर्ष 2013 में निजी एजेंसी को नसबंदी का ठेका दिया गया था और तब से आज तक लगातार हर दिन नसबंदी की जा रही है मगर कुत्तों की संख्या कम नहीं हो रही है। निगम ने अब तक करोड़ों रूपये खर्च कर दिये हैं और दो माह पहले फिर देवास और हैदराबाद के एनजीओ को नसबंदी का ठेका दिया है। हर दिन 35 कुत्तों की नसबंदी करने की बात अधिकारी कह रहे हैं। कई बार सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं ने भी कुत्तों द्वारा काटने के मामले में सख्त कार्रवाई के लिए आवाज उठाई मगर कोई सुधार नहीं हुआ। इधर निजी अस्पतालों में भी लोग कुत्ते के काटने पर इलाज के लिए पहुुंचते हैं जिसका आंकड़ा स्पष्ट नहीं हैं।
1 लाख से अधिक आवारा कुत्ते-शहर में आवारा कुत्तों की संख्या को लेकर नगर निगम के पास कोई आंकड़ा नहीं है वहीं स्वास्थ्य विभाग भी आंकड़ों को लेकर कोई जानकारी नहीं होना कहता है। इधर पशु चिकित्सा विभाग के पास भी आंकडों को लेकर कोई जानकारी नहीं है। निगम के चिडिय़ाघर प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि नसबंदी लगातार की जा रही है। आवारा कुत्तों की संख्या हमारे पास नहीं है। वहीं यह कहा जाता है कि इतने बड़े शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगभग 1 लाख है। सुबह के समय आवारा कुत्ते सबसे अधिक दिखते हैं।
